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Banda News: नाले का बहाव बदलने वालों को सिंचाई विभाग ने दिया नोटिस
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बांदा। नवाब टैंक को केन नदी से जोड़ने वाले शहर के प्राचीन निम्नी नाले (निम्नीपार) के इर्दगिर्द आबाद बस्ती के लोगों को सिंचाई विभाग ने नोटिस जारी किया है। इन्हें तत्काल अपने मकान और कब्जे हटा लेने के लिए कहा है। न हटाने पर तीन दिसंबर को ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी है। इससे कई परिवारों में हलचल मच गई है। गृह स्वामियों ने सिंचाई विभाग के दावे को गलत बताते हुए लिखित जवाब दाखिल किया है।
बांदा सिंचाई प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता ने निम्नीनाला के किनारे व आसपास पक्के-कच्चे मकान बनाकर कई दशकों से रह रहे लोगों को अलग अलग नोटिस जारी किए हैं। इसमें कहा है कि राम निवास मंदिर से मर्दननाका पुलिया तक (मौजा निम्नीपार गाटा सं-114) में मकान बनाकर निम्नीनाले का आकार और बहाव (रुख) बदल दिया गया है। यू आकार वाले नाले को सीधा कर दिया है। विभाग के कहने पर भी अवैध कब्जे नहीं हटाए गए। नोटिस में कहा गया है कि तत्काल अवैध कब्जे नहीं हटाने पर विभाग खुद ध्वस्तीकरण करके कब्जाधारियों से इसका खर्च वसूल करेगा।
सिंचाई विभाग को भेजा जवाब
जिस जमीन को सिंचाई विभाग अपनी बता रहा है, वहां काबिज लोग लंबे समय से मकान बनाकर रह रहे हैं। यह जमीन उन्हें छाबी तालाब निवासी दो व्यक्तियों ने बेची है। सभी के रजिस्टर्ड बैनामे हैं। राजस्व अभिलेखों में दाखिल खारिज प्रक्रिया भी हो चुकी है। कई गृह स्वामियों के मकान प्रधानमंत्री आवास योजना से बने हैं। कब्जाधारियों ने सिंचाई विभाग को भेजे विधिक जवाब में कहा है कि हदबंदी का मुकदमा अदालत में चल रहा है। ऐसे में यह नोटिस हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना है।
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बांदा सिंचाई प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता ने निम्नीनाला के किनारे व आसपास पक्के-कच्चे मकान बनाकर कई दशकों से रह रहे लोगों को अलग अलग नोटिस जारी किए हैं। इसमें कहा है कि राम निवास मंदिर से मर्दननाका पुलिया तक (मौजा निम्नीपार गाटा सं-114) में मकान बनाकर निम्नीनाले का आकार और बहाव (रुख) बदल दिया गया है। यू आकार वाले नाले को सीधा कर दिया है। विभाग के कहने पर भी अवैध कब्जे नहीं हटाए गए। नोटिस में कहा गया है कि तत्काल अवैध कब्जे नहीं हटाने पर विभाग खुद ध्वस्तीकरण करके कब्जाधारियों से इसका खर्च वसूल करेगा।
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सिंचाई विभाग को भेजा जवाब
जिस जमीन को सिंचाई विभाग अपनी बता रहा है, वहां काबिज लोग लंबे समय से मकान बनाकर रह रहे हैं। यह जमीन उन्हें छाबी तालाब निवासी दो व्यक्तियों ने बेची है। सभी के रजिस्टर्ड बैनामे हैं। राजस्व अभिलेखों में दाखिल खारिज प्रक्रिया भी हो चुकी है। कई गृह स्वामियों के मकान प्रधानमंत्री आवास योजना से बने हैं। कब्जाधारियों ने सिंचाई विभाग को भेजे विधिक जवाब में कहा है कि हदबंदी का मुकदमा अदालत में चल रहा है। ऐसे में यह नोटिस हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना है।
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