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मुआवजे में 41 लाख का गड़बड़झाला, भूमि अधिग्रहण में विकास प्राधिकरण ने दी अधिक राशि, किसानों को मिली कम

Fri, 06 Feb 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Fri, 06 Feb 2015 11:43 PM IST
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Integrating 41 million in compensation

तुलसी नगर आवासीय योजना के लिए किसानों से अधिग्रहीत की गई भूमि में 41 लाख रुपये का गड़बड़झाला नजर आ रहा है।

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विकास प्राधिकरण का कहना है कि उसने इस योजना के लिए 44.29 एकड़ भूमि का मुआवजा भूमि अध्याप्ति विभाग को 86.27 लाख रुपये दिया है। उधर, भूमि अध्याप्ति विभाग का कहना है कि किसानों को एक लाख रुपये प्रति एकड़ (44.54 लाख रुपये) दिए गए हैं।

दो विभागों के बीच 41.73 लाख की गड़बड़ी का खुलासा आरटीआई में इन विभागों से मिली सूचनाओं से हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता संकटा प्रसाद त्रिपाठी द्वारा मांगी गई सूचना में बांदा विकास प्राधिकरण अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता ने बताया है कि भवानी पुरवा व लड़ाका पुरवा में स्थित तुलसी नगर आवासीय योजना के लिए प्राधिकरण ने विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय को 86.27 लाख रुपये दिए हैं।
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उधर, दूसरी तरफ विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने दी सूचना में बताया है कि तुलसी नगर आवासीय योजना के लिए वर्ष 2002 में भूमि अधिग्रहीत किए जाने पर किसानों को एक लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा (प्रतिकर) दिया गया है।
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इस दर से 44.54 एकड़ भूमि का मुआवजा 44.54 लाख हुआ यानि प्राधिकरण ने भूमि अध्याप्ति विभाग को 41.73 हजार रुपये अधिक दिए हैं, लेकिन किसानों को यह पैसा नहीं मिला। इसी तरह दोनों विभागों द्वारा अधिग्रहीत की गई भूमि के रकबा (क्षेत्रफल) में भी 0.25 एकड़ का अंतर है।

भूमि अध्याप्ति विभाग 44.54 एकड़ भूमि अधिग्रहण बता रहा है और प्राधिकरण 44.29। कांग्रेस नेता संकटा प्रसाद ने कहा है कि किसानों की कीमती भूमि औने-पौने दामों में लेकर आवास और भूखंड बनाकर अरबों रुपये कमाए हैं।

ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए ही पिछली कांग्रेस सरकार ने भूमि अधिग्रहण बिल बनाया था, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार इस बिल को मटियामेट कर किसानों के लिए नुकसानदेह अधिग्रहण बिल बना रही है।

आवासीय योजना में मंहगी दरों पर बेचे जा रहे प्लाट और भवन
तुलसी नगर आवसीय योजना में प्राधिकरण ने 538 भूखंड बनाए हैं। इसमें ईडब्ल्यूएस 85, एलआईजी 197, एमआईजी 190 और एचआईजी 66 भूखंड शामिल हैं। इसके अलावा टाइप-1 के 32, टाइप-2 के 8 भवन बनाए गए हैं। 187 भूमि खंड आवंटित किए जा चुके हैं।

ईडब्ल्यूएस भूखंड की दर 950 रुपये प्रति वर्ग मीटर, एलआईजी 1150 रुपये, एमआईजी 1400 रुपये और एचआईजी 1550 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से दिए गए हैं। विभिन्न श्रेणी के 351 भूखंड आवंटन को शेष हैं।

कुल खर्च की जानकारी प्राधिकरण को नहीं
तुलसी नगर में भूखंड और आवास आवंटन से करोड़ों रुपये कमा रहे विकास प्राधिकरण के पास यह जानकारी उपलब्ध नहीं है कि तुलसी नगर आवासीय योजना में कुल कितना पैसा खर्च हुआ।

आरटीआई में दी गई सूचना मेें अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता ने कहा है कि प्राधिकरण के किसी भी अभिलेख में तुलसी नगर आवासीय योजना में खर्च की गई धनराशि का विवरण संकलित उपलब्ध नहीं है।


प्राधिकरण देता है भूमि की डेढ़ गुना कीमत
विकास प्राधिकरण अधिशासी अभियंता एसडी गुप्त का कहना है कि किसानों को भूमि अधिग्रहण करने पर किसानों को प्राधिकरण से ड्योढ़ी कीमत दी जाती है। भूमि की कीमत के अलावा 50 प्रतिशत अतिरिक्त और 10 प्रतिशत स्पेशल चार्ज के रूप में दिया जाता है। तुलसी नगर के लिए भी इसी दर से मुआवजा भुगतान किया गया है।

उधर, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी/उप जिलाधिकारी सदर प्रह्लाद सिंह का कहना था कि वह इस समय इलाहाबाद हाईकोर्ट में हैं। इस बारे में कुछ नहीं बता सकते।

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