{"_id":"66a2a04c5b9e7eb1ba0f69e4","slug":"inspection-caused-chaos-coaching-centres-were-shut-down-and-people-ran-away-banda-news-c-212-1-bnd1006-113614-2024-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: निरीक्षण से मची अफरा-तफरी, कोचिंग सेंटर बंद कर भागे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: निरीक्षण से मची अफरा-तफरी, कोचिंग सेंटर बंद कर भागे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरैनी। नोडल अधिकारी ने टीम के साथ कस्बे में संचालित कोचिंग सेंटरों का गुरुवार को निरीक्षण किया। इस दौरान तीन कोचिंग सेंटर मानक विहीन पाए गए। इधर, अधिकारियों के आने की खबर मिलते ही तमाम कोचिंग संचालक शटर बंद कर मौके से भाग निकले।
डीआईओएस विजय पाल सिंह के निर्देश पर नरैनी क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों पर रोक लगाने के लिए नामित नोडल अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह व महेश्वर ने निरीक्षण किया। इस दौरान कस्बे में संचालित तीन कोचिंग सेंटर मानक विहीन पाए गए। सूचना मिलते ही अन्य कोचिंग सेंटर अपने संस्थानों के शटर बंद कर भाग निकले।
नोडल अधिकारी ने बताया कि कोचिंग सेंटर संचालक रोहित के यहां कक्षा 12 की कोचिंग संचालित मिली। अपनी योग्यता बीएससी मैथ बताया। जबकि योग्यता एमएससी होनी चाहिए। कोचिंग सेंटर पंजीकृत नहीं हैं। छात्रों के लिए पानी, शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं मिली।
विज्ञापन
इसी तरह एनएस कोचिंग सेंटर संचालक श्याम दीक्षित ने एमएससी रसायन विज्ञान बताया, लेकिन शैक्षिक योग्यता संबंधी कोई अभिलेख नहीं दिखाए, जबकि कोचिंग का पंजीकरण रानी दीक्षित एमए, डीएड के नाम मिला। कोचिंग रसायन विज्ञान की संचालित मिली।
जेके क्लासेस कोचिंग सेंटर कालिंजर रोड के संचालक जुगुल किशोर का पंजीकरण ही नहीं मिला। वहां कक्षा 9 व 10 के छात्रों को पढ़ाते पाए गए। इनकी शैक्षिक योग्यता बीएससी मैथ है, जबकि एमएससी होना चाहिए। वह कोई भी अभिलेख नही दिखा सके। इसके साथ ही सेंटर में पानी, शौचालय व अग्निशमन की कोई व्यवस्था नहीं मिली। नोडल अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट डीआईओएस को भेज दी है।
विज्ञापन
डीआईओएस विजय पाल सिंह के निर्देश पर नरैनी क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों पर रोक लगाने के लिए नामित नोडल अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह व महेश्वर ने निरीक्षण किया। इस दौरान कस्बे में संचालित तीन कोचिंग सेंटर मानक विहीन पाए गए। सूचना मिलते ही अन्य कोचिंग सेंटर अपने संस्थानों के शटर बंद कर भाग निकले।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी ने बताया कि कोचिंग सेंटर संचालक रोहित के यहां कक्षा 12 की कोचिंग संचालित मिली। अपनी योग्यता बीएससी मैथ बताया। जबकि योग्यता एमएससी होनी चाहिए। कोचिंग सेंटर पंजीकृत नहीं हैं। छात्रों के लिए पानी, शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं मिली।
विज्ञापन
इसी तरह एनएस कोचिंग सेंटर संचालक श्याम दीक्षित ने एमएससी रसायन विज्ञान बताया, लेकिन शैक्षिक योग्यता संबंधी कोई अभिलेख नहीं दिखाए, जबकि कोचिंग का पंजीकरण रानी दीक्षित एमए, डीएड के नाम मिला। कोचिंग रसायन विज्ञान की संचालित मिली।
जेके क्लासेस कोचिंग सेंटर कालिंजर रोड के संचालक जुगुल किशोर का पंजीकरण ही नहीं मिला। वहां कक्षा 9 व 10 के छात्रों को पढ़ाते पाए गए। इनकी शैक्षिक योग्यता बीएससी मैथ है, जबकि एमएससी होना चाहिए। वह कोई भी अभिलेख नही दिखा सके। इसके साथ ही सेंटर में पानी, शौचालय व अग्निशमन की कोई व्यवस्था नहीं मिली। नोडल अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट डीआईओएस को भेज दी है।