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गर्भवती पत्नी की मौत पर पति को पांच साल की कैद
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बांदा। गर्भवती पत्नी द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने पर अदालत ने पति को दोषी मानते हुए पांच साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो माह और जेेल में रहना होगा।
सिजनौड़ा (हमीरपुर) निवासी रामसखा निषाद पुत्र कमतू ने पैलानी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी ऊषा की शादी नरी गांव का मजरा बंशी डेरा निवासी पिंटू उर्फ विमल कुमार निषाद पुत्र गया प्रसाद के साथ 23 मई 2014 को शादी हुई थी।
ससुराल में उसे कम दहेज की बात एक लाख रुपये की फरमाइश करते हुए प्रताड़ित किया जाने लगा। मांग पूरी न होने पर 26 जून 2015 को ऊषा की हत्या कर शव फंदे पर लटका दिया। वह चार माह की गर्भवती थी। पुलिस ने पति पिंटू निषाद, ससुर गयाप्रसाद, सास रामसखी और ननद उर्मिला के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना में ननद उर्मिला निषाद को क्लीन चिट देते हुए पति, सास व ससुर के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पति अभी भी जेल में है।
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जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने सुनवाई के बाद बुधवार को दिए निर्णय में सास व ससुर को बरी करते हुए पति पिंटू निषाद को धारा 306 में पांच साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने 9 गवाह पेश किए।
तीन दूधियों पर 60 हजार जुर्माना
बांदा। दूध में मिलावट पाए जाने पर अपर जिला मजिस्ट्रेट ने तीन दूधियों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने जुलाई माह में सात दूधियों के नमूने लेकर जांच को भेजे थे। इनमें तीन में मिलावट पाए जाने पर एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था।
बुधवार को अपर जिला मजिस्ट्रेट संतोष बहादुर सिंह ने दूध विक्रेता लवकुश गुप्ता और राजकिशोर निवासीगण कुम्हरिया डेरा (जसपुरा) व कृष्ण कुमार निवासी पारा बिहारी (बिसंडा) पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना करते हुए एक पखवारे में यह राशि जमा करने के आदेश दिए हैं।
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सिजनौड़ा (हमीरपुर) निवासी रामसखा निषाद पुत्र कमतू ने पैलानी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी ऊषा की शादी नरी गांव का मजरा बंशी डेरा निवासी पिंटू उर्फ विमल कुमार निषाद पुत्र गया प्रसाद के साथ 23 मई 2014 को शादी हुई थी।
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ससुराल में उसे कम दहेज की बात एक लाख रुपये की फरमाइश करते हुए प्रताड़ित किया जाने लगा। मांग पूरी न होने पर 26 जून 2015 को ऊषा की हत्या कर शव फंदे पर लटका दिया। वह चार माह की गर्भवती थी। पुलिस ने पति पिंटू निषाद, ससुर गयाप्रसाद, सास रामसखी और ननद उर्मिला के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना में ननद उर्मिला निषाद को क्लीन चिट देते हुए पति, सास व ससुर के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पति अभी भी जेल में है।
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जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने सुनवाई के बाद बुधवार को दिए निर्णय में सास व ससुर को बरी करते हुए पति पिंटू निषाद को धारा 306 में पांच साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने 9 गवाह पेश किए।
तीन दूधियों पर 60 हजार जुर्माना
बांदा। दूध में मिलावट पाए जाने पर अपर जिला मजिस्ट्रेट ने तीन दूधियों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने जुलाई माह में सात दूधियों के नमूने लेकर जांच को भेजे थे। इनमें तीन में मिलावट पाए जाने पर एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था।
बुधवार को अपर जिला मजिस्ट्रेट संतोष बहादुर सिंह ने दूध विक्रेता लवकुश गुप्ता और राजकिशोर निवासीगण कुम्हरिया डेरा (जसपुरा) व कृष्ण कुमार निवासी पारा बिहारी (बिसंडा) पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना करते हुए एक पखवारे में यह राशि जमा करने के आदेश दिए हैं।