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सरकारी, निजी अस्पताल मरीजों से पटे

Sun, 05 Sep 2021 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 11:39 PM IST
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Government, private hospitals filled with patients
बांदा। वायरल बुखार के मरीजों का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की भीड़ लग रही है। रविवार को ओपीडी बंद होने से जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही।
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कमोवेश यही स्थिति मेडिकल कालेज में रही। वायरल बुखार से ग्रसित अधिकांश मरीज शहर के हैं। पिछले चौबीस घंटे में ट्रामा सेंटर आए बुखार के दो दर्जन से ज्यादा गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया है।
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इनमें स्वराज कालोनी की खुशी त्रिपाठी, साड़ासानी के अनूप, पिपरगवां की सरिता, मर्दननाका के मूलचंद्र, तिंदवारी की रामा देवी, कमासिन के ओमबाबू, इंदिरा नगर की नैंसी, शंभूनगर की कल्लो, जारी के शौर्य, महुई गांव का रामविशाल, पीडब्ल्यूडी कालोनी के रवि, जसपुरा के किशन, शंकरनगर के राजेश और कटरा के मोहनलाल आदि शामिल रहें।
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कोरोना, डेंगू, मलेरिया समेत तमाम जरूरी जांचें कराई गईं। वरिष्ठ चिकित्सक अभिषेक प्राणायामी ने बताया कि जिला अस्पताल में हेल्प डेस्क के जरिए मरीजों को बीमारियों से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं।
इन दिनों बुखार, जुकाम और खांसी के मरीज बढ़े हैं। कोरोना की आशंका से लोग कोविड की भी जांच करा रहे हैं। हालांकि, अभी तक कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया।
उधर, चित्रकूटधाम मंडल के एकलौते राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि डेंगू संभावित तीन रोगियों में दो मरीज स्वस्थ हो गए। उन्हें छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। अब मात्र एक संदिग्ध मरीज भर्ती है।
अस्पताल में गंदगी से मरीज, तीमारदार परेशान
बांदा। जिला अस्पताल की हालत बदतर है। यहां सेहतमंद होने आ रहे मरीजों पर गंदगी के चलते संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। जिला अस्पताल के पुरुष वार्ड के सामने कचरे से भरा डस्टबिन पलटने से गैलरी में कचरा फैल गया।
पान-गुटखा आदि की पीक पैरों तले दूर तक फैलती रही। सफाई कर्मी ने इसे साफ करने की जरूरत नहीं समझी और न ही अस्पताल प्रशासन को यह गंदगी नजर आई। दुर्गंध और गंदगी से वार्ड में भर्ती मरीजों का सांस लेना दूभर रहा।
तीमारदारों ने रोष जताया कि संक्रमण से निजात के यहां मरीज को भर्ती कराया और गंदगी से उल्टा संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।
4444 घरों की जांच में 19 को दी गई नोटिस
बांदा। डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए गठित टीमों ने 14 हजार 544 पात्रों की जांच की। इनमें 125 पात्र पॉजिटिव पाए गए। इनमें मच्छरों के लार्वा मिले थे। टीमों ने इन्हें दवा का छिड़काव कर नष्ट कर दिया।
जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि हाउस इंडेक्स सर्वे के तहत अब तक कुल 4444 घरों की टीमों ने जांच की है। मच्छर जनित स्थिति पर 19 गृह स्वामियों को नोटिस दी गई और लार्वा नष्ट किए गए।

उन्होंने बताया कि डीआईओएस और बीएसए समेत कई अधिकारियों को मच्छर पैदा होने वाले स्थानों में सफाई के लिए प्रचार-प्रसार के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए हैं।
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