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पीएम आवास की मजदूरी में फर्जीवाड़ा
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बांदा। पीएम आवास निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के खातों में मजदूरी भेजने के मामले में फर्जीवाड़ा सामने आया है। मजदूरी न करने वाले लोगों के खातों में 1.50 लाख रुपये भेज दिए जाने को शासन ने गंभीरता से लिया है। रोजगार सेवक को नौकरी से हटा दिया गया। सचिव और लेखाकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के आदेश दिए हैं। अपर आयुक्त योगेश कुमार ने मामले में जिला स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई है।
महुआ विकास खंड के रिसौरा गांव के रामबाबू ने जिलाधिकारी सहित उपायुक्त मनरेगा से शिकायत दर्ज कराई थी कि पीएम आवास की मजदूरी करीब 25 हजार सचिव व प्रधान ने मिलीभगत कर दूसरों के खातों में भेज दी है। इसके अलावा 12 से अधिक मजदूरों की मजदूरी दूसरों के खातों में भेजकर फर्जीवाड़ा किया गया है।
शासन स्तर पा जांच होने पर मामला सही पाया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि जिला स्तर पर मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इस प्रदेश के अपर आयुक्त ने जिलाधिकारी को भेजे आदेशों में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि शिकायत के 45 दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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अपर आयुक्त ने दोषी ग्राम रोजगार सेवक विजय कुमार की संविदा को समाप्त करने, ग्राम पंचायत अधिकारी शैलेंद्र सोनी, ग्राम पंचायत अधिकारी निरंजन शुक्ला, लेखाकार संतोष कुमार निगम को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने सहित सिसौरा के प्रधान रामऔतार के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए है। कहा कि दो दिन के अंदर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट दी जाए।
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महुआ विकास खंड के रिसौरा गांव के रामबाबू ने जिलाधिकारी सहित उपायुक्त मनरेगा से शिकायत दर्ज कराई थी कि पीएम आवास की मजदूरी करीब 25 हजार सचिव व प्रधान ने मिलीभगत कर दूसरों के खातों में भेज दी है। इसके अलावा 12 से अधिक मजदूरों की मजदूरी दूसरों के खातों में भेजकर फर्जीवाड़ा किया गया है।
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शासन स्तर पा जांच होने पर मामला सही पाया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि जिला स्तर पर मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इस प्रदेश के अपर आयुक्त ने जिलाधिकारी को भेजे आदेशों में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि शिकायत के 45 दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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अपर आयुक्त ने दोषी ग्राम रोजगार सेवक विजय कुमार की संविदा को समाप्त करने, ग्राम पंचायत अधिकारी शैलेंद्र सोनी, ग्राम पंचायत अधिकारी निरंजन शुक्ला, लेखाकार संतोष कुमार निगम को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने सहित सिसौरा के प्रधान रामऔतार के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए है। कहा कि दो दिन के अंदर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट दी जाए।