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12 हजार अन्ना मवेशियों के लिए बनेंगे चार अभ्यारण्य
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Four sanctuaries will be built for 12 thousand Anna cattle
- फोटो : BANDA
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बांदा। मंडल के चारों जिलों में छुट्टा घूम रहे 2,13,328 मवेशियों में लगभग 12 हजार को गोवंश अभ्यारण्य में रखा जाएगा। मंडल के हरेक जिले में एक अभ्यारण्य खोलने की कवायद शुरू हो गई है। इसकी लागत लगभग दो करोड़ रुपये प्रति अभ्यारण्य होगी। क्षमता अधिकतम तीन हजार मवेशियों की रहेगी। इसके बाद भी मंडल में दो लाख से ज्यादा मवेशी छुट्टा रहेंगे।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक चारों जिलों में अन्ना मवेशियों की संख्या करीब 3,31,379 है। मंडल के 1164 स्थायी और अस्थायी गोशालाओं में 1,18,051 मवेशी संरक्षित होने का दावा किया गया है। इसके बाद भी करीब 2,13,328 मवेशी छुट्टा घूम रहे हैं, लेकिन गोवंश अभ्यारण्य में सिर्फ 12 हजार पशु ही रख सकेंगे। हालांकि इसके बाद भी बड़ी संख्या में गोवंश अन्ना रहेंगे।
कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर अभ्यारण्य के लिए चारों जिलों में भूमि की तलाश शुरू हो गई है। अभ्यारण्य का निर्माण 50 एकड़ भूभाग में किया जाएगा। इसके निर्माण का दायित्व 10 विभागों को सौंपा गया है। हालांकि नोडल पशुपालन विभाग को बनाया गया है।
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राजस्व विभाग को भूमि उपलब्ध कराने, पशुपालन को चहारदीवारी, उद्यान, वन को पौधरोपण, मनरेगा विभाग को तालाब आदि की जिम्मेदारी होगी। कृषि विभाग पांच एकड़ भूमि में हरे चारे की खेती करेगा। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा चिकित्सा उप केंद्र की स्थापना होगी। ग्राम पंचायत पशुओं की देखभाल के लिए दो कर्मचारियों की तैनाती करेगा।
गोवंश अभ्यारण्य में पशुओं को पूरी तरह प्राकृतिक माहौल मिलेगा। जंगल, हरा चारा, तालाब आदि होंगे। बांदा में खप्टिहा कलां में भूमि चिह्नित की जा रही है। अन्य जिलों में भी प्रक्रिया चालू है। अगले छह माह में गोवंश अभ्यारण्य का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। -मनोज अवस्थी, उपनिदेशक (पशुपालन)
चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
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पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक चारों जिलों में अन्ना मवेशियों की संख्या करीब 3,31,379 है। मंडल के 1164 स्थायी और अस्थायी गोशालाओं में 1,18,051 मवेशी संरक्षित होने का दावा किया गया है। इसके बाद भी करीब 2,13,328 मवेशी छुट्टा घूम रहे हैं, लेकिन गोवंश अभ्यारण्य में सिर्फ 12 हजार पशु ही रख सकेंगे। हालांकि इसके बाद भी बड़ी संख्या में गोवंश अन्ना रहेंगे।
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कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर अभ्यारण्य के लिए चारों जिलों में भूमि की तलाश शुरू हो गई है। अभ्यारण्य का निर्माण 50 एकड़ भूभाग में किया जाएगा। इसके निर्माण का दायित्व 10 विभागों को सौंपा गया है। हालांकि नोडल पशुपालन विभाग को बनाया गया है।
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राजस्व विभाग को भूमि उपलब्ध कराने, पशुपालन को चहारदीवारी, उद्यान, वन को पौधरोपण, मनरेगा विभाग को तालाब आदि की जिम्मेदारी होगी। कृषि विभाग पांच एकड़ भूमि में हरे चारे की खेती करेगा। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा चिकित्सा उप केंद्र की स्थापना होगी। ग्राम पंचायत पशुओं की देखभाल के लिए दो कर्मचारियों की तैनाती करेगा।
गोवंश अभ्यारण्य में पशुओं को पूरी तरह प्राकृतिक माहौल मिलेगा। जंगल, हरा चारा, तालाब आदि होंगे। बांदा में खप्टिहा कलां में भूमि चिह्नित की जा रही है। अन्य जिलों में भी प्रक्रिया चालू है। अगले छह माह में गोवंश अभ्यारण्य का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। -मनोज अवस्थी, उपनिदेशक (पशुपालन)
चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।