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पिता- पुत्र की हत्या में पिता-पुत्र सहित चार को उम्र कैद
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बांदा। महुआ बीनने के विवाद में पिता-पुत्र की लाठी, हंसिये और कुल्हाड़ी से की गई हत्या में अदालत ने पिता-पुत्र समेत चार लोगों को उम्रकैद की सजा दी है। चारों मृतक के खानदानी हैं। इसी घटना में एक महिला को दो साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माना हुआ है। जुर्माने की 75 प्रतिशत रकम मृतक के आश्रितों को दी जाएगी।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मोतियारी गांव में पांच अप्रैल 2010 को सुबह रामबहोरी गुप्ता (65) अपने खेत में पुत्र कामता प्रसाद गुप्ता (28) के साथ महुआ बीन रहा था। तभी खानदान के लोग वहां आकर झगड़ने लगे। इन लोगों ने लाठी-डंडों, हंसिये और कुल्हाड़ी से पिता और पुत्र की हत्या कर दी। मृतक कामता की पत्नी उर्मिला की तहरीर पर 10 आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
आरोपियों में खानदानी तीन भाई बलराम गुप्ता, जागेश्वर गुप्ता व रामेश्वर गुप्ता पुत्रगण कल्लू और रामेेश्वर की पत्नी मुन्नी गुप्ता, बलराम गुप्ता के तीन पुत्र राजा गुप्ता, मुन्नीलाल व एक नाबालिग और उनकी मां रानी गुप्ता, जागेेश्वर की पत्नी निर्मला गुप्ता, बलराम की पत्नी रानी गुप्ता को शामिल किया गया। विवेचना में पुलिस ने रानी, मुन्नी, देवीदयाल और रामेश्वर का नाम अलग कर दिया था। शेष के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी। इनमें एक नाबालिग है। उसकी फाइल किशोर न्याय बोर्ड भेजी दी गई।
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बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोहरे हत्याकांड का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त बलराम गुप्ता, जागेश्वर गुप्ता, मुन्नीलाल गुप्ता और राजा गुप्ता को उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर तीन माह की और जेल होगी। महिला आरोपी निर्मला गुप्ता पत्नी जागेश्वर समेत अन्य पांचों को दो-दो साल की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कैलाश चौबे ने पैरवी करते हुए पांच गवाह पेश किए।
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नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मोतियारी गांव में पांच अप्रैल 2010 को सुबह रामबहोरी गुप्ता (65) अपने खेत में पुत्र कामता प्रसाद गुप्ता (28) के साथ महुआ बीन रहा था। तभी खानदान के लोग वहां आकर झगड़ने लगे। इन लोगों ने लाठी-डंडों, हंसिये और कुल्हाड़ी से पिता और पुत्र की हत्या कर दी। मृतक कामता की पत्नी उर्मिला की तहरीर पर 10 आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
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आरोपियों में खानदानी तीन भाई बलराम गुप्ता, जागेश्वर गुप्ता व रामेश्वर गुप्ता पुत्रगण कल्लू और रामेेश्वर की पत्नी मुन्नी गुप्ता, बलराम गुप्ता के तीन पुत्र राजा गुप्ता, मुन्नीलाल व एक नाबालिग और उनकी मां रानी गुप्ता, जागेेश्वर की पत्नी निर्मला गुप्ता, बलराम की पत्नी रानी गुप्ता को शामिल किया गया। विवेचना में पुलिस ने रानी, मुन्नी, देवीदयाल और रामेश्वर का नाम अलग कर दिया था। शेष के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी। इनमें एक नाबालिग है। उसकी फाइल किशोर न्याय बोर्ड भेजी दी गई।
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बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोहरे हत्याकांड का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त बलराम गुप्ता, जागेश्वर गुप्ता, मुन्नीलाल गुप्ता और राजा गुप्ता को उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर तीन माह की और जेल होगी। महिला आरोपी निर्मला गुप्ता पत्नी जागेश्वर समेत अन्य पांचों को दो-दो साल की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कैलाश चौबे ने पैरवी करते हुए पांच गवाह पेश किए।