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Banda News: चार बसों में नहीं वाइपर, दो की खिड़कियों के टूटे मिले शीशे
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बस के शीशे में गैप।
- फोटो : संवाद
बांदा। भीषण ठंड से यात्रियों को बचाने के लिए परिवहन निगम ने रोडवेज बसों में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं। किसी बस की खिड़की टूटी है तो किसी के दरवाजे बंद नहीं होते। इससे यात्री ठिठुर रहे हैं।
बांदा डिपो में 114 बसें हैं, जो विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही हैं। नई बसों को लंबे रूटों पर संचालित किया जा रहा हैं, जबकि पुरानी बसों को लोकल रूट पर चलाया जा रहा है। शुक्रवार 10 बसों की पड़ताल की गई तो चार बसों में वाइपर नहीं मिले, दो बसों की खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। इसके अलावा एक बस का दरवाजा नहीं बंद हो रहा था। इससे ठंडी हवाओं के कारण ठिठुर रहे थे।
डिग्गी चौराहा निवासी आशीष ने बताया कि महोबा से बांदा आए हैं। जिस बस में बैठे थे उसका एक शीशा टूटा था। इस कारण सभी यात्रियों को परेशानी हो रही थी। लक्ष्मी नारायण का कहना है कि हमीरपुर से रोडवेज बस में सफर करके आ रहे हैं। बस का दरवाजा खराब था। पूरा बंद न होने के कारण ठंडी हवाएं अंदर आ रही थीं। किसी तरह यात्रा की।
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बांदा डिपो में 114 बसें हैं, जो विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही हैं। नई बसों को लंबे रूटों पर संचालित किया जा रहा हैं, जबकि पुरानी बसों को लोकल रूट पर चलाया जा रहा है। शुक्रवार 10 बसों की पड़ताल की गई तो चार बसों में वाइपर नहीं मिले, दो बसों की खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। इसके अलावा एक बस का दरवाजा नहीं बंद हो रहा था। इससे ठंडी हवाओं के कारण ठिठुर रहे थे।
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डिग्गी चौराहा निवासी आशीष ने बताया कि महोबा से बांदा आए हैं। जिस बस में बैठे थे उसका एक शीशा टूटा था। इस कारण सभी यात्रियों को परेशानी हो रही थी। लक्ष्मी नारायण का कहना है कि हमीरपुर से रोडवेज बस में सफर करके आ रहे हैं। बस का दरवाजा खराब था। पूरा बंद न होने के कारण ठंडी हवाएं अंदर आ रही थीं। किसी तरह यात्रा की।
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