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Banda News: गैंगस्टर के दो दोषियों को पांच-पांच वर्ष की जेल
Sat, 08 Jul 2023 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 08 Jul 2023 12:40 AM IST
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बांदा। गैंगस्टर एक्ट के दो दोषियों को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर गुणेंद्र प्रकाश की अदालत ने पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा शुक्रवार को सुनाई। साथ ही दोनों पर आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने बताया कि कोतवाली नगर के तत्कालीन एसएचओ रनवीर सिंह ने 24 फरवरी 2015 को बबेरू कोतवाली के भदेहदू गांव निवासी हाल मुकाम पीडब्ल्यूडी सिविल लाइन बांदा के रामबहोरी पटेल व थाना बिसंडा के कैरी गांव निवासी सुरेंद्र कुमार के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था।
दोनों अभियुक्त संगठित गिरोह बनाकर अपने आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए अपराध करते थे। इनसे डर कर कोई भी इनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं करा रहा था। दोनों के विरुद्ध हत्या का प्रयास, अवैध असलहे बनाकर क्रय करना, मारपीट व अनुसूचित जाति को अपमानित करके समाज में आतंक फैलाने के मामले हैं।
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इनका आपराधिक इतिहास का गैंगचार्ट बनाकर डीएम व एसपी से अनुमोदित कराकर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 38 पृष्ठीय फैसले में दोनों दोषियों को जेल व जुर्माना की सजा सुनाई।
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विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने बताया कि कोतवाली नगर के तत्कालीन एसएचओ रनवीर सिंह ने 24 फरवरी 2015 को बबेरू कोतवाली के भदेहदू गांव निवासी हाल मुकाम पीडब्ल्यूडी सिविल लाइन बांदा के रामबहोरी पटेल व थाना बिसंडा के कैरी गांव निवासी सुरेंद्र कुमार के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था।
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दोनों अभियुक्त संगठित गिरोह बनाकर अपने आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए अपराध करते थे। इनसे डर कर कोई भी इनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं करा रहा था। दोनों के विरुद्ध हत्या का प्रयास, अवैध असलहे बनाकर क्रय करना, मारपीट व अनुसूचित जाति को अपमानित करके समाज में आतंक फैलाने के मामले हैं।
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इनका आपराधिक इतिहास का गैंगचार्ट बनाकर डीएम व एसपी से अनुमोदित कराकर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 38 पृष्ठीय फैसले में दोनों दोषियों को जेल व जुर्माना की सजा सुनाई।