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Banda News: गिरफ्तारी से बचने के लिए स्टे की फिराक में चालक
Wed, 14 Feb 2024 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 14 Feb 2024 12:43 AM IST
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बांदा। अवैध वाहनों से वसूली के आरोपी एसडीएम का चालक धर्मराज पुलिस की मदद का पूरा फायदा उठा रहा है। सूत्रों की माने तो आरोपी अब अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए स्टे लेने का प्रयास कर रहा है। इस काम में पुलिस के साथ साथ कई सफेदपोश भी उसके मददगार बन रहे हैं।
बता दें कि बीती छह फरवरी को चालक का एसडीएम अतर्रा की सरकारी गाड़ी चलाने वाले संविदा सफाई कर्मी धर्मराज का ऑडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह बबेरू एसडीएम का नाम लेकर किसी ट्रक चालक को धमका रहा था। मामले के तूल पकड़ने पर एसडीएम अतर्रा की तहरीर पर चालक व उसके दो साथियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा तो दर्ज किया गया, लेकिन गिरफ्तारी अभी तक नहीं की गई।
एफआईआर में चालक का कोई पता भी नहीं दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि आरोपी का साथी कानपुर निवासी है। दोनों खुलेआम घूम रहे हैं। चालक को कचहरी परिसर में भी देखा गया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि चालक की तलाश की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस की मेहरबानी से दो एक दिन में आरोपी स्टे भी हासिल कर सकता है।
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- प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख की थी कमाई
अतर्रा तहसील के सूत्रों की माने तो चालक धर्मराज अपने साथियों के साथ मिलकर रोजाना ट्रकों से एक से डेढ़ लाख की वसूली करता था। इस वसूली के हिस्सेदार कुछ सफेदपोश भी रहते थे। यही वजह है कि पुलिस भी चालक को छूने का कोई प्रयास नहीं करती दिखाई दे रही है।
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बता दें कि बीती छह फरवरी को चालक का एसडीएम अतर्रा की सरकारी गाड़ी चलाने वाले संविदा सफाई कर्मी धर्मराज का ऑडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह बबेरू एसडीएम का नाम लेकर किसी ट्रक चालक को धमका रहा था। मामले के तूल पकड़ने पर एसडीएम अतर्रा की तहरीर पर चालक व उसके दो साथियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा तो दर्ज किया गया, लेकिन गिरफ्तारी अभी तक नहीं की गई।
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एफआईआर में चालक का कोई पता भी नहीं दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि आरोपी का साथी कानपुर निवासी है। दोनों खुलेआम घूम रहे हैं। चालक को कचहरी परिसर में भी देखा गया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि चालक की तलाश की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस की मेहरबानी से दो एक दिन में आरोपी स्टे भी हासिल कर सकता है।
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- प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख की थी कमाई
अतर्रा तहसील के सूत्रों की माने तो चालक धर्मराज अपने साथियों के साथ मिलकर रोजाना ट्रकों से एक से डेढ़ लाख की वसूली करता था। इस वसूली के हिस्सेदार कुछ सफेदपोश भी रहते थे। यही वजह है कि पुलिस भी चालक को छूने का कोई प्रयास नहीं करती दिखाई दे रही है।