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मंडलायुक्त ने किसानों से पूछा दर्द
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 06 Dec 2015 12:07 AM IST
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बांदा। मंडलायुक्त ने ग्राम पंचायत चुनाव मतदान के
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साथ किसानों की बदहाली देखी। बूथों में वोट डालने के लिए लाइन लगाए किसानों
से सूखा की जानकारी की।
मसनी गांव में राहत चेक वितरण में गड़बड़ी की शिकायतों पर तहसीलदार को फटकार लगाई। भरोसा दिलाया कि आपदा राहत कोष से गांवों के तालाब भरवाए जाएंगे।
डीएम-एसपी समेत कई अफसर जहां लाव-लश्कर के साथ मतदान केंद्रों का भ्रमण करते रहे, वहीं मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू सादगीपूर्ण तरीके से केंद्रों में पहुंचते रहे।
फतेहगंज क्षेत्र के मसनी गांव में कमिश्नर बूथ में न जाकर बाहर लाइन लगाए मतदाताओं से सूखा पर चर्चा करने लगे। किसान देवीदयाल, सुंदर, नारायण, दयालू, बिज्जू आदि ने बताया कि बारिश न होने से खेत सूखे पड़े हैं।
रामबहोरी, राम प्रसाद समेत कई किसानों ने राहत के नाम पर 700 रुपये मिलने की जानकारी दी। इस पर कमिश्नर ने नरैनी तहसीलदार गिरिवर सिंह से नाराजगी जताई।
उन्होंने तहसीलदार को शिकायत करने वाले किसानों के नाम डायरी में दर्ज कर नए मानक के मुताबिक राहत देने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से रबी फसल बचाने और पशुओं को पानी उपलब्ध कराने आदि पर सुझाव भी मांगे।
कुछ किसानों ने तालाब भरने की मांग की। मंडलायुक्त ने तहसीलदार को निजी नलकूपों की सूची तैयार करने को कहा। किसानों को आश्वासन दिया कि निजी नलकूपों से गांवों के तालाब भरे जाएंगे।
मसनी गांव में राहत चेक वितरण में गड़बड़ी की शिकायतों पर तहसीलदार को फटकार लगाई। भरोसा दिलाया कि आपदा राहत कोष से गांवों के तालाब भरवाए जाएंगे।
डीएम-एसपी समेत कई अफसर जहां लाव-लश्कर के साथ मतदान केंद्रों का भ्रमण करते रहे, वहीं मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू सादगीपूर्ण तरीके से केंद्रों में पहुंचते रहे।
फतेहगंज क्षेत्र के मसनी गांव में कमिश्नर बूथ में न जाकर बाहर लाइन लगाए मतदाताओं से सूखा पर चर्चा करने लगे। किसान देवीदयाल, सुंदर, नारायण, दयालू, बिज्जू आदि ने बताया कि बारिश न होने से खेत सूखे पड़े हैं।
रामबहोरी, राम प्रसाद समेत कई किसानों ने राहत के नाम पर 700 रुपये मिलने की जानकारी दी। इस पर कमिश्नर ने नरैनी तहसीलदार गिरिवर सिंह से नाराजगी जताई।
उन्होंने तहसीलदार को शिकायत करने वाले किसानों के नाम डायरी में दर्ज कर नए मानक के मुताबिक राहत देने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से रबी फसल बचाने और पशुओं को पानी उपलब्ध कराने आदि पर सुझाव भी मांगे।
कुछ किसानों ने तालाब भरने की मांग की। मंडलायुक्त ने तहसीलदार को निजी नलकूपों की सूची तैयार करने को कहा। किसानों को आश्वासन दिया कि निजी नलकूपों से गांवों के तालाब भरे जाएंगे।