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‘प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी...’

Fri, 15 Oct 2021 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 12:06 AM IST
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Devotees throng the temple on Navami
Devotees throng the temple on Navami - फोटो : BANDA
बांदा। ‘प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी...’। नौ दिवसीय शारदीय नवरात्र महोत्सव का समापन गुरुवार को नवमी के साथ हो गया। व्रत रखने वाले देवी भक्तों ने देर शाम पारण किया। नवमी पर भी बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने अठवाईं चढ़ाकर पूजा की। लेकिन पूजा पंडाल आयोजकों द्वारा पूरे नौ दिन महोत्सव मनाने से शुक्रवार को भी रौनक रहेगी। विसर्जन 16 अक्तूबर (शनिवार) को होगा।
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गुरुवार को सुबह शहर की प्रमुख महेश्वरी देवी और काली देवी मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु रहे। महिलाओं की संख्या अधिक थी। जवारे लेकर भी महिलाओं के जत्थे मंदिर पहुंचते रहे। खासकर नवमी होने से सभी देवी मंदिरों में भक्तों का रेला उमड़ता रहा।
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सुबह जलाभिषेक की होड़ रही और शाम दर्शन व पूजन-अर्चना की। सभी मंदिर धूपबत्ती और अगरबत्ती की सुगंध से महकते रहे। देवी के जयकारे गूंजते रहे। कालका, सिंहवाहिनी, मरही माता, चौसठ जोगिनी आदि मंदिरों में भी भीड़ रही।
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ग्रामीण इलाकों से भक्तों के जत्थे ढोलक-मंझीरों के साथ उमाह गीत गाते हुए मंदिर पहुंचे। उधर, देवी पंडालों को भी जमकर सजाया और आकर्षक बनाया गया। देर रात तक श्रद्धालु यहां दर्शन को आते रहे। पूरे नौ दिन महोत्सव के तहत शुक्रवार को भी पंडाल सजे रहेंगे।
बबेरू। नवरात्र के आठवें दिन मां मढ़ी दाई मंदिर में श्रद्धालुओं की खासी भीड़भाड़ रही। महिलाओं ने पूजा अर्चन कर अठवाई चढ़ाई। मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने कन्या भोज कराया। कुछ लोगों ने अष्ठमी व नौवी दोनों एक साथ मनाई। नौ दिन का वृत रखने वालों ने गाजे बाजे के साथ देवी गीत गाते हुए नदी सरोवरों में जवारों का विसर्जन किया। उधर, देवी पंडालों में आदि शक्ति मां जगदंबा के विभिन्न स्वरूपों की भव्य झांसी सजाई गई। शाम से ही पंडालों में देवी दर्शन करने वालों तांता लगा रहा।
बांदा/तिंदवारी। शहर के महेश्वरी देवी रामलीला में बुधवार की रात रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण शक्ति का मंचन हुआ। फतेहपुर और कानपुर के कलाकारों ने रातभर अपने अभिनय से समां बांध दी। उधर, तिंदवारी चल रही तेरह दिवसीय रामलीला में बुधवार की रात राम-सुग्रीव मित्रता, लंका दहन और रामेश्वर स्थापना का मंचन किया गया।
सीता की खोज में निकले श्रीराम ने हनुमान को अपनी अंगूठी देकर बानर सेना के साथ लंका रवाना किया। विभीषण से मिलने के बाद हनुमान को सीता के अशोक वाटिका में मौजूद होने की जानकारी मिली। अशोक वाटिका में राक्षस वध की लीला देख दर्शन हंसी से लोटपोट हुए। लंका दहलन के दौरान दर्शक जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहे।

वापस लौटने पर श्रीराम को सीता माता की जानकारी के लिए श्रीराम और लक्ष्मण वानर सेना के साथ लंका की चढ़ाई को निकल पड़े। समुद्र किनारे रामेश्वरम की स्थापना का मंचन हुआ। प्रबंधक आनंद स्वरूप द्विवेदी, उप प्रबंधक राज गुप्ता, अध्यक्ष अनिल लखेरा, शिक्षक संघ अध्यक्ष हरवंश श्रीवास्तव, नगर प्रहरी दीपू सोनी, अतुल दीक्षित, कमलाकांत त्रिवेदी, विनोद, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, धीरज गुप्ता, राममिलन गुप्ता आदि मौजूद रहे।

Devotees throng the temple on Navami

Devotees throng the temple on Navami- फोटो : BANDA

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