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Banda News: बुढ़वा मंगल पर मंदिरों में जुटे श्रद्धालु
Tue, 22 Sep 2026 11:29 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:29 PM IST
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फोटो -28- गांव खप्टिहा कलां के पाथादाई मंदिर में पूजन-अर्चन करते श्रद्धालु। संवाद
बांदा/पैलानी। बुढ़वा मंगल पर मंगलवार को जिले व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में भक्तों ने अंजनी पुत्र हनुमान की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिरों में दिनभर भजन-कीर्तन व हनुमान चालीसा का पाठ होता रहा।
भक्तों ने बजरंगबली को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और लड्डू का प्रसाद अर्पित किया। मान्यता है कि महाभारत काल में भीम को अपनी शक्ति पर अहंकार हो गया था।
उनके अहंकार को दूर करने के लिए हनुमानजी ने वृद्ध वानर का रूप धारण कर उन्हें अपनी पूंछ हटाने की चुनौती दी थी। भीम अपनी पूरी शक्ति लगाने के बाद भी पूंछ नहीं हटा सके। इसी प्रसंग की स्मृति में बुढ़वा मंगल पर्व मनाए जाने की मान्यता है।
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भक्तों ने बजरंगबली को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और लड्डू का प्रसाद अर्पित किया। मान्यता है कि महाभारत काल में भीम को अपनी शक्ति पर अहंकार हो गया था।
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उनके अहंकार को दूर करने के लिए हनुमानजी ने वृद्ध वानर का रूप धारण कर उन्हें अपनी पूंछ हटाने की चुनौती दी थी। भीम अपनी पूरी शक्ति लगाने के बाद भी पूंछ नहीं हटा सके। इसी प्रसंग की स्मृति में बुढ़वा मंगल पर्व मनाए जाने की मान्यता है।
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