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चबूतरे पर इलाज, पेड़ पर टांगीं बोतलें
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बांदा से, चबूतरे पर लेटे मरीज को पेड़ पर बोतल टांगकर चढ़ाया गया। यहां स्वास्थ्य टीम तथा विधायक ओम?
- फोटो : BANDA
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बदौसा/नरैनी/अतर्रा (बांदा)। बदौसा के वकीलन पुरवा (तुर्रा) में डायरिया का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ। सोमवार को सात और लोग इसकी गिरफ्त में आ गए। उधर, खबर प्रकाशन के बाद क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा स्वास्थ्य विभाग के लाव लश्कर के साथ गांव पहुंच गईं। अधूरी तैयारियों से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों को बिस्तर और चादर भी मुहैया नहीं करा पाई। पेड़ के नीचे तपती पटिया और चबूतरों पर लिटाकर बोतलें चढ़ाईं और इंजेक्शन देकर इलाज किया। विधायक ने गांव को डायरिया मुक्त होने तक स्वास्थ्य टीम को यहीं रहने के निर्देश दिए हैं।
पिछले दो दिनों से वकीलन पुरवा डायरिया की चपेट में है। पहले दिन अतर्रा सीएचसी पहुंचे मरीजों को पूरी तरह चंगा हुए बगैर चलता कर दिया गया। उधर, एक-एक करके पूरा गांव डायरिया की गिरफ्त में आ गया। इसमें बूढ़े, बच्चे सभी शामिल रहे। कई गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। कुछ अपना प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। विधायक के साथ सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव भी यहां पहुंचे। गांव में सैनिटाइजेशन और दवा का छिड़काव कराया गया। टीम ने मरीजों को पेड़ों के नीचे चबूतरों पर लिटाकर इलाज किया। पेड़ों की टहनियों पर ग्लूकोज की बोतलें टांगीं। टीम अपने साथ बोतल चढ़ाने का स्टैंड या चादर आदि भी नहीं ले गई थी। विधायक ने इस लापरवाही पर फटकार भी लगाई। टीम ने कुल 52 मरीजों का इलाज किया। ओआरएस बांटा।
ग्रामीणों के बीच बैठकर विधायक ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सफाई, पानी, इलाज सभी व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। बीडीओ प्रकाश प्रसाद को निर्देश दिया कि गांव की सफाई और टैंकरों से जलापूर्ति कराएं। विधायक ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय प्रताप विश्वकर्मा से कहा कि जब तक एक-एक बीमार स्वस्थ न हो जाएं तब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में ही रहकर इलाज करेगी।
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उधर, नए मरीजों में रिया (4), सुभाषचंद्र (21), गुड़िया (14), शिवकुमार (34), मीरा (45), रुकमणि (68) और कुसुमा (69) शामिल हैं। इनका इलाज चल रहा है। टीम में चिकित्साधीक्षक डॉ. देव तिवारी, सीएचसी नरैनी की डॉ. ज्योत्सना मिश्रा, डॉ. सुधा, डॉ. राजेश सिंह, ईटीओ पंकज नामदेव, स्टाफ नर्स अवध नरेश, फार्मासिस्ट सूरज गुप्ता व विनोद कुशवाहा आदि शामिल रहे।
तिंदवारी में भी डायरिया का प्रकोप
तिंदवारी। पीएचसी में प्रतिदिन डायरिया के मरीज भर्ती हो रहे हैं। सोमवार को ओपीडी में 12 से अधिक मरीज आए। एक सप्ताह में यहां 200 उल्टी-दस्त के मरीज इलाज करा चुके हैं। उधर, पीएचसी में इस संक्रामक रोग सहित अन्य जरूरी दवाओं का टोटा है। तीमारदार राजबहादुर तिवारी और कमलेश ने बताया कि अपने मरीजों के लिए दवाएं बाहर से खरीद कर लानी पड़ रही हैं। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि दवाओं की कमी के बारे में पता करके जल्द ही दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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पिछले दो दिनों से वकीलन पुरवा डायरिया की चपेट में है। पहले दिन अतर्रा सीएचसी पहुंचे मरीजों को पूरी तरह चंगा हुए बगैर चलता कर दिया गया। उधर, एक-एक करके पूरा गांव डायरिया की गिरफ्त में आ गया। इसमें बूढ़े, बच्चे सभी शामिल रहे। कई गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। कुछ अपना प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। विधायक के साथ सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव भी यहां पहुंचे। गांव में सैनिटाइजेशन और दवा का छिड़काव कराया गया। टीम ने मरीजों को पेड़ों के नीचे चबूतरों पर लिटाकर इलाज किया। पेड़ों की टहनियों पर ग्लूकोज की बोतलें टांगीं। टीम अपने साथ बोतल चढ़ाने का स्टैंड या चादर आदि भी नहीं ले गई थी। विधायक ने इस लापरवाही पर फटकार भी लगाई। टीम ने कुल 52 मरीजों का इलाज किया। ओआरएस बांटा।
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ग्रामीणों के बीच बैठकर विधायक ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सफाई, पानी, इलाज सभी व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। बीडीओ प्रकाश प्रसाद को निर्देश दिया कि गांव की सफाई और टैंकरों से जलापूर्ति कराएं। विधायक ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय प्रताप विश्वकर्मा से कहा कि जब तक एक-एक बीमार स्वस्थ न हो जाएं तब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में ही रहकर इलाज करेगी।
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उधर, नए मरीजों में रिया (4), सुभाषचंद्र (21), गुड़िया (14), शिवकुमार (34), मीरा (45), रुकमणि (68) और कुसुमा (69) शामिल हैं। इनका इलाज चल रहा है। टीम में चिकित्साधीक्षक डॉ. देव तिवारी, सीएचसी नरैनी की डॉ. ज्योत्सना मिश्रा, डॉ. सुधा, डॉ. राजेश सिंह, ईटीओ पंकज नामदेव, स्टाफ नर्स अवध नरेश, फार्मासिस्ट सूरज गुप्ता व विनोद कुशवाहा आदि शामिल रहे।
तिंदवारी में भी डायरिया का प्रकोप
तिंदवारी। पीएचसी में प्रतिदिन डायरिया के मरीज भर्ती हो रहे हैं। सोमवार को ओपीडी में 12 से अधिक मरीज आए। एक सप्ताह में यहां 200 उल्टी-दस्त के मरीज इलाज करा चुके हैं। उधर, पीएचसी में इस संक्रामक रोग सहित अन्य जरूरी दवाओं का टोटा है। तीमारदार राजबहादुर तिवारी और कमलेश ने बताया कि अपने मरीजों के लिए दवाएं बाहर से खरीद कर लानी पड़ रही हैं। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि दवाओं की कमी के बारे में पता करके जल्द ही दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।