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सपा नेता और मुनीम की हत्या में चार को उम्रकैद

Wed, 26 Jul 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला बांदा
अमर उजाला बांदा Updated Wed, 26 Jul 2017 11:33 PM IST
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Four people have been given life imprisonment for killing SP leader and munim
दोहरे हत्याकांड में अदालत से उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद अदालत से बाहर आते अभियुक्त - फोटो : अमर उजाला

जिला जज ने बुधवार को सपा नेता बादल खां और उनके मुनीम की हत्या के चारों आरोपियों को आजीवन कारावास और 32-32 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला दोहरे हत्याकांड के करीब तीन साल बाद आया है। चारों आरोपी जेल में हैं। सपा नेता और मुख्य अभियुक्त के बीच तहबाजारी ठेके को लेकर रंजिश थी। फैसला सुनाए जाते वक्त बड़ी संख्या में लोग अदालत के बाहर मौजूद रहे।

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सपा के मटौंध नगर इकाई अध्यक्ष और प्रदेश सरकार द्वारा मटौंध नगर पंचायत के लिए नामित सदस्य बादल खां (42) अपनी स्कार्पियो पर 12 अगस्त 2014 को शाम करीब 7:30 बजे बांदा से वापस मटौंध जा रहे थे। स्कार्पियो उनका ड्राइवर सरताज चला रहा था। वह ड्राइवर के बगल में अगली सीट पर बैठे थे। पिछली सीट पर उनका मुनीम मटौंध निवासी पंकज शुक्ला (25) पुत्र रामशरण और उनकी पत्नी नाजमा बेगम बैठी हुई थीं। शहर के क्योटरा चौराहे पर पहले से घात लगाए लोगों ने स्कार्पियो पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। बादल खां के दो गोलियां लगीं। उनके पीछे बैठे मुनीम को एक गोली लगी।
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ड्राइवर सरताज भी गोली से घायल हो गया। सरेशाम चौराहे पर गोलीबारी से दहशत फैल गई। घायल चालक तत्काल सभी को लेकर जिला अस्पताल ले आया। यहां डाक्टरों ने बादल और पंकज को मृत घोषित कर दिया। चालक का इलाज हुआ। मृतक बादल की पत्नी नाजमा बेगम ने शहर कोतवाली में क्योटरा निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र बरदानी सिंह और मटौंध निवासी छोटे खां पुत्र उस्मान खां तथा दो अज्ञात लोगों के विरुद्ध दोहरी हत्याओं की एफआईआर दर्ज कराई।
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पुलिस ने धारा 302 और 307 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की। तफ्तीश में पुलिस ने दो अज्ञात लोगों में महोबा जिले के खन्ना थाना क्षेत्र के महेवा निवासी अनिल सिंह पुत्र बाबू सिंह और कबरई थाना क्षेत्र के बघवा निवासी राजेश प्रजापति पुत्र रामचरन को नामजद किया। आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। सीजेएम और एडीजे प्रथम के बाद इसी वर्ष 13 अप्रैल को यह मामला जिला सत्र एवं जनपद न्यायाधीश की अदालत में आ गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज यादव ने 11 गवाह पेश किए। उधर, अभियुक्तों की ओर से भी 9 गवाह पेश हुए।  सोमवार को जिला जज भूपेंद्र सहाय ने इस मामले में चारों आरोपियों को दोष सिद्ध पाया था।

बुधवार को सजा सुनाई। जिला जज श्री सहाय ने अपने 98 पृष्ठीय आदेश में चारों अभियुक्तों को धारा 302 में उम्र कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 10-10 वर्ष की कठोर कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम में तीन-तीन वर्ष की कैद और 2-2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर क्रमश: 6 माह, 3 माह और 15 दिन अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।



सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। चारों आरोपी घटना के बाद से ही जेल में हैं। उनकी जमानतें नहीं हुईं। जेल में बिताई गई अवधि भी सजा में समायोजित होगी। चर्चित मामले का फैसला सुनने के लिए जिला जज की अदालत के बाहर काफी भीड़ रही। इनमें अभियुक्तों के पैरोकार और समर्थक भी थे। अभियुक्त जितेंद्र सिंह पूर्व में सपा नेता बादल खां के साथ तहबाजारी ठेके में पार्टनर था। बाद में दोनों के बीच लेन-देन को लेकर रंजिश हो गई। जितेंद्र सिंह डाक विभाग में लिपिक था।

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