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जेल में अब सुरक्षाकर्मियों की भी तलाशी,मैटल डिटेक्टर से भी गुजरना होगा हर आने वाले को

Thu, 05 Mar 2015 09:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Thu, 05 Mar 2015 09:49 PM IST
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Explored in prison security

अपराध जगत के दो कुख्यात सरगनाओं के यहां जेल में आमद के बाद पूरा जेल अभूतपूर्व सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया है।

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नोएडा जेल से लाए गए अनिल दुजाना और सिंहराज भाटी की इंट्री ने जेल के अन्य बंदियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ जेल अधिकारियों को भी परेशानी में डाल दिया है। जेल सुरक्षा कर्मियों (बंदी रक्षकों) को भी अब तलाशी के बाद ही अंदर दाखिला मिलेगा। ऐसे में अन्य बंदियों से मिलने वालों की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं।

यूं तो यहां के मंडल कारागार में पहले से ही ददुआ, बलखड़िया, ठोकिया, संग्राम सिंह आदि गिरोहों के सरगना और सदस्य मौजूद हैं, लेकिन प्रदेश के कुख्यात सरगनाओं की आमद से जेल सुर्खियों में आ गया है। सुरक्षा की दृष्टि से जेल के बाद पीएसी की प्लाटून तैनात कर दी गई है। जेल गेट पर मैटल डिटेक्टर लगाया जा रहा है।
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जेल के हर कर्मचारी और बंदियों से मिलने आए लोगों को इससे होकर गुजरना होगा। गेट पर चार युवा और तेज-तर्रार कांस्टेबिल सादे कपड़ों मेें लगाए गए हैं। जेल के अंदर दाखिल होने वाले हर बंदी रक्षक और बाहरी व्यक्तियों की सघन तलाशी ली जाएगीा। अलबत्ता जेल अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर तलाशी से बरी रखे गए हैं।
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जेल में लगे सीसी कैमरों से हरेक बैरक और गेट तक नजर रखी जा रही है। कुल आठ सीसी कैमरे रखे हुए हैं। बाहर लगे कैमरों को कंट्रोल रूम एसपी कार्यालय और जेल के अंदर लगे सीसी कैमरों का कंट्रोल रूम जेल अधीक्षक कार्यालय में है।

दुजाना पर 22 और सिंहराज पर नौ मुकदमे
नोएडा जेल से यहां स्थानांतरित किए गए अनिल पुत्र चतुर सिंह निवासी ग्राम दुजाना (गौतमबुद्ध नगर) और सिंहराज भाटी पुत्र हंसराज निवासी रायपुर (गौतमबुद्ध नगर) का आपराधिक इतिहास लंबा है।

अनिल पर मुजफ्फर नगर, गौतमबुद्ध नगर और बुलंद शहर में हत्या, डकैती, लूट, हत्या का प्रयास, शस्त्र अधिनियम, गैंगेस्टर एक्ट आदि के कुल 22 मुकदमें हैं। इसी तरह सिंहराज पर हत्या, हत्या का प्रयास, शस्त्र अधिनियम, मारपीट आदि के नौ मुकदमे चल रहे हैं।


सिफारिश के लिए लखनऊ से आ रहे फोन!
जेल में ऐशोआराम मुहैया कराने के लिए जेल प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि जेल अधिकारी सख्त रुख बनाए हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को दोपहर जेल अधिकारी के फोन पर किसी ने काल करके खुद को सीएम (मुख्यमंत्री) आवास से बोलना बताया और सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा ।

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