फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   अब गोरखपुर की कंपनी के विरुद्ध अवैध खनन की रिपोर्ट

अब गोरखपुर की कंपनी के विरुद्ध अवैध खनन की रिपोर्ट

Wed, 13 Dec 2017 06:57 PM IST
Updated Wed, 13 Dec 2017 06:57 PM IST
विज्ञापन
अब गोरखपुर की कंपनी के विरुद्ध अवैध खनन की रिपोर्ट
बांदा। एक माह के अंदर दूसरी बार खनिज विभाग ने अवैध खनन पर कार्रवाई करते हुए एक और पट्टाधारक फर्म के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी फर्म मेसर्स नार्दन एक्सप्रेस इन्फ्राडे प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर पर 14 हजार घन मीटर बालू पट्टा क्षेत्र से बाहर खनन करने और 56 घन मीटर अवैध खनन करने का आरोप है। खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की धारा 4 एवं 21 के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई है।
विज्ञापन

पिछले माह पहली नवंबर को खनिज अधिकारी ने होशंगाबाद की मेसर्स एसोसिएट कामर्स पर लमेहटा खदान में अवैध खनन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके पार्टनर रसमीत सिंह मल्होत्रा और उनकी पत्नी जसमीत सिंह सहित पुत्र आदि अभियुक्त बनाए गए थे। अब फिर एक अन्य फर्म पर अवैध खनन की रिपोर्ट जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह दर्ज कराई है। सोमवार को पैलानी थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में एसडीएम की जांच रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया है कि खप्टिहाकलां के गाटा संख्या-356 में मेसर्स नार्दन एक्सप्रेस इन्फ्राडे प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर को खदान आवंटित की गई थी। निरीक्षण में पाया गया कि मात्र दो पिलर (सीमांकन खंभे) छोड़कर सभी गायब थे या टूटे-फूटे मिले। पैमाइश पर यह भी पाया गया कि खदान के उत्तरी सिरे पर नदी की तरफ 14 हजार घन मीटर बालू खनन सीमा क्षेत्र से बाहर से निकाली गई है।
विज्ञापन

एनजीटी के मानक हैं कि खुदाई के समय पानी निकल आए तो खनन रोक देना चाहिए लेकिन दक्षिण हिस्से में नदी की तरफ दो बड़े गड्ढे पाए गए जिसमें 1200 और 1400 घन मीटर बालू निकाली गई। यह गड्ढे एक मीटर गहरे हैं। इनमें पानी भरा हुआ है और झील के समान दिख रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि पानी के अंदर से बालू निकाली गई है। गड्ढे एक मीटर गहरे हैं। इससे स्पष्ट है कि मशीन का प्रयोग हुआ है। हालांकि जांच के दौरान यह मशीनें मौके पर नहीं मिलीं। खदान की आकृति पूरी तरह से बदल गई है। जगह-जगह पोकलैंड मशीन के निशान पाए गए। खनन के नियमों को ताक पर रखकर खनन कराया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खदान में 5600 घन मीटर बालू का अवैध खनन हुआ है। खप्टिहाकलां खदान 27 जुलाई 2017 से 26 जनवरी 2018 तक के पट्टे पर दी गई है। क्षेत्रफल 10 एकड़ है। गोरखपुर की इस कंपनी के पार्टनर नीतीश कुमार त्रिपाठी पुत्र नर्वदेश्वर त्रिपाठी, तिरुपति मार्केट पुरदीलपुर (गोरखपुर) हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



बालू माफिया ने बैरियर लगाकर रोक दिया रास्ता
नरैनी (ब्यूरो)। बालू माफियाओं ने नदी में बैरियर लगाकर दो असलहाधारी तैनात कर दिए हैं। किसानों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। ग्रामीणों में आक्रोश है। सीमावर्ती पन्ना जनपद के अजयगढ़ में बीरा खदान नंबर-2 का पट्टा डिजियाना ग्रुप (इंदौर) लिए हुए है। नदी घाट से लगभग दो किलोमीटर दूर बालू कारोबारियों ने बैरियर लगाकर नदी की तरफ का रास्ता रोक दिया है। दो असलहाधारी रात-दिन यहां पहरा देते हैं। नदी किनारे खेतीबाड़ी करने वाले किसान दहशत में हैं। बालू ढोने वाले ट्रक खेतों को रौंद रहे हैं। बुवाई नहीं हो पा रही। लगभग 50 बीघा जमीन परती पड़ी है। क्षेत्रीय किसानों ने यूपी-एमपी अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई है। आरोप लगाया कि जानकारी के बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। उधर, पन्ना (एमपी) के खनिज अधिकारी संतोष सिंह का कहना है कि खदान में बैरियर लगाना गैरकानूनी है। स्थानीय पुलिस व प्रशासन को सूचना देकर इन्हें हटवाया जाएगा। ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed