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Bareilly News: एक ही वार में हो गया था काम तमाम
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बरेली। सचिन कश्यप की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मुख्य नसें कटने और ज्यादा खून बहने से मौत की पुष्टि हुई। चाकू के मुकाबले कम चौड़ाई वाले धारदार हथियार से वार की बात सामने आई है। सीने पर एक ही वार किया गया। इससे शरीर में खून की सप्लाई वाली प्रमुख नस कट गई और फेफड़ा भी फट गया। खून का तेज फव्वारा फूटा। इसके बाद जीवित बचने की गुंजाइश खत्म होती चली गई और डॉक्टर ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। शनिवार शाम को ही शव का अंतिम संस्कार किया गया।
हत्यारोपी बाबू के बड़े भाई अमित से सचिन की गहरी दोस्ती थी। हालांकि, कुछ समय से बाबू से सचिन का टकराव हो रहा था, जिसकी परिणति हत्या के रूप में सामने आई। सचिन के बारे में बताया गया कि वह काफभ् समय से भाजपा से जुड़े थे और क्षेत्र के लोगों की छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान में मदद करते थे। इस सिलसिले में उसका इलाके के अच्छे व बुरे सभी तरह के लोगों के साथ उठना-बैठना था।
पुलिस की जांच के मुताबिक, पहले बाबू भी सचिन को सम्मान देता था, लेकिन कुछ समय से बाबू गुटबाजी करके खुद को बदमाश के तौर पर साबित करने में जुटा था। इसमें सचिन बड़ी अड़चन थे। सचिन ने स्थानीय नेता के तौर पर पहचान बना ली थी और वह बाबू की हरकतों का विरोध करते थे। महीनेभर पहले दोनों में टकराव हुआ था। तभी से बाबू के मन में गुस्सा भरा था।
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मौके पर जांच करने पहुंचे सीओ टू ने उन लड़कों से भी बात की जो घटना के दौरान आसपास ही थे। उन्होंने बताया कि बाबू नशे की हालत में था। मामूली कहासुनी के बाद उसने आवेश में सचिन पर हमला कर दिया। शायद सचिन को इस हमले की उम्मीद भी नहीं थी तो वह खुद को बचा भी नहीं सके।
गरीब है सचिन का परिवार
सचिन की पत्नी गुड़िया देवी ने बताया कि कुछ साल पहले तक सचिन प्रिंटिंग प्रेस में कर्मचारी थे, फिर वह भी छोड़ दिया था और राजनीति करने लगे थे। उनके परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। सचिन के पिता और दो भाई रोडवेज स्टैंड पर पानी बेचते हैं। करीब 11 साल पहले सचिन की शादी हुई थी। उनकी दो बेटियां व एक छोटा बेटा है।
त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
सचिन की हत्या की खबर से रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं। उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि आठ भाई-बहनों में सचिन सबसे बड़ा था। रक्षाबंधन पर मेहमान आए हुए थे, अचानक बेटे की हत्या कर दी गई। वह लोग बेहद आहत हैं।
हमको पुलिस पर भरोसा
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के महानगर महामंत्री जितेंद्र शर्मा ने सचिन के घर जाकर परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि जितेंद्र उनकी पार्टी के सक्रिय पदाधिकारी थे। परिवार ने जिन आरोपियों के नाम बताए हैं, उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। हमने पुलिस अधिकारियों से बात की है। हमें कार्रवाई पर भरोसा है।
वर्जन
सुभाषनगर थाना, मढ़ीनाथ चौकी, एसओजी समेत तीन टीमें बनाकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इसके बाद ही सही स्थिति सामने आएगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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हत्यारोपी बाबू के बड़े भाई अमित से सचिन की गहरी दोस्ती थी। हालांकि, कुछ समय से बाबू से सचिन का टकराव हो रहा था, जिसकी परिणति हत्या के रूप में सामने आई। सचिन के बारे में बताया गया कि वह काफभ् समय से भाजपा से जुड़े थे और क्षेत्र के लोगों की छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान में मदद करते थे। इस सिलसिले में उसका इलाके के अच्छे व बुरे सभी तरह के लोगों के साथ उठना-बैठना था।
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पुलिस की जांच के मुताबिक, पहले बाबू भी सचिन को सम्मान देता था, लेकिन कुछ समय से बाबू गुटबाजी करके खुद को बदमाश के तौर पर साबित करने में जुटा था। इसमें सचिन बड़ी अड़चन थे। सचिन ने स्थानीय नेता के तौर पर पहचान बना ली थी और वह बाबू की हरकतों का विरोध करते थे। महीनेभर पहले दोनों में टकराव हुआ था। तभी से बाबू के मन में गुस्सा भरा था।
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मौके पर जांच करने पहुंचे सीओ टू ने उन लड़कों से भी बात की जो घटना के दौरान आसपास ही थे। उन्होंने बताया कि बाबू नशे की हालत में था। मामूली कहासुनी के बाद उसने आवेश में सचिन पर हमला कर दिया। शायद सचिन को इस हमले की उम्मीद भी नहीं थी तो वह खुद को बचा भी नहीं सके।
गरीब है सचिन का परिवार
सचिन की पत्नी गुड़िया देवी ने बताया कि कुछ साल पहले तक सचिन प्रिंटिंग प्रेस में कर्मचारी थे, फिर वह भी छोड़ दिया था और राजनीति करने लगे थे। उनके परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। सचिन के पिता और दो भाई रोडवेज स्टैंड पर पानी बेचते हैं। करीब 11 साल पहले सचिन की शादी हुई थी। उनकी दो बेटियां व एक छोटा बेटा है।
त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
सचिन की हत्या की खबर से रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं। उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि आठ भाई-बहनों में सचिन सबसे बड़ा था। रक्षाबंधन पर मेहमान आए हुए थे, अचानक बेटे की हत्या कर दी गई। वह लोग बेहद आहत हैं।
हमको पुलिस पर भरोसा
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के महानगर महामंत्री जितेंद्र शर्मा ने सचिन के घर जाकर परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि जितेंद्र उनकी पार्टी के सक्रिय पदाधिकारी थे। परिवार ने जिन आरोपियों के नाम बताए हैं, उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। हमने पुलिस अधिकारियों से बात की है। हमें कार्रवाई पर भरोसा है।
वर्जन
सुभाषनगर थाना, मढ़ीनाथ चौकी, एसओजी समेत तीन टीमें बनाकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इसके बाद ही सही स्थिति सामने आएगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी