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एमपी के जंगल में बेहोश मिला फौजी का अपहृत पुत्र
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:16 PM IST
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बांदा। शुक्रवार (7 सितंबर) को लापता हुए फौजी के 17 वर्षीय पुत्र को पुलिस ने दो दिन बाद सीमावर्ती मध्य प्रदेश के छतरपुर जनपद में जंगल से बेहोश अवस्था में बरामद किया। नजदीक में ही उसकी साइकिल भी पुलिस को हाथ लगी है। किशोर के हवाले से परिजनों ने बताया कि अज्ञात लोग उसे नशा सुंघाकर चार पहिया वाहन में साइकिल समेत उठा ले गए थे।
शहर के शुकुलकुआं मोहल्ला निवासी और मौजूदा समय में झांसी में तैनात सैनिक रमेश चंद्र यादव का पुत्र अमर सिंह शुक्रवार को शाम घर से साइकिल लेकर कोर्स की किताबें लेने बाजार के लिए निकला था। फिर वापस नहीं लौटा। तलाश के बाद पिता ने शहर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
इसी बीच पुलिस और परिजन तलाश में जुटे रहे। रविवार को तड़के करीब दो बजे सीमावर्ती जनपद छतरपुर के अंतर्गत लवकुश नगर थाना से सैनिक रमेशचंद्र को फोन पर सूचना दी गई कि उसका पुत्र वहां जंगल में बेहोश अवस्था में पाया गया है। खबर मिलते ही रमेशचंद्र और अन्य परिजन लवकुश नगर रवाना हो गए। वहां की पुलिस ने पुत्र को माता-पिता के हवाले कर दिया। रविवार को शाम यहां जिला अस्पताल में पुलिस ने किशोर का मेडिकल कराया। अभी भी उस पर नशे का असर है।
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किशोर अमर सिंह द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देकर पिता ने बताया कि साइकिल से जाते समय डीएम आवास के नजदीक वीआईपी रोड पर कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया और चार पहिया वाहन लोडर में साइकिल समेत उसे डाल दिया। उसे नशा भी सुंघा दिया। वह बेसुध हो गया।
अपहरणकर्ता उसे लवकुश नगर क्षेत्र के जंगल में फेंककर फरार हो गए। हालांकि पिता का कहना है कि उसकी किसी से न तो रंजिश है। न ही अपहरण के बाद कोई फिरौती आदि की मांग की गई। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। जांच की जा रही है।
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शहर के शुकुलकुआं मोहल्ला निवासी और मौजूदा समय में झांसी में तैनात सैनिक रमेश चंद्र यादव का पुत्र अमर सिंह शुक्रवार को शाम घर से साइकिल लेकर कोर्स की किताबें लेने बाजार के लिए निकला था। फिर वापस नहीं लौटा। तलाश के बाद पिता ने शहर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
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इसी बीच पुलिस और परिजन तलाश में जुटे रहे। रविवार को तड़के करीब दो बजे सीमावर्ती जनपद छतरपुर के अंतर्गत लवकुश नगर थाना से सैनिक रमेशचंद्र को फोन पर सूचना दी गई कि उसका पुत्र वहां जंगल में बेहोश अवस्था में पाया गया है। खबर मिलते ही रमेशचंद्र और अन्य परिजन लवकुश नगर रवाना हो गए। वहां की पुलिस ने पुत्र को माता-पिता के हवाले कर दिया। रविवार को शाम यहां जिला अस्पताल में पुलिस ने किशोर का मेडिकल कराया। अभी भी उस पर नशे का असर है।
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किशोर अमर सिंह द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देकर पिता ने बताया कि साइकिल से जाते समय डीएम आवास के नजदीक वीआईपी रोड पर कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया और चार पहिया वाहन लोडर में साइकिल समेत उसे डाल दिया। उसे नशा भी सुंघा दिया। वह बेसुध हो गया।
अपहरणकर्ता उसे लवकुश नगर क्षेत्र के जंगल में फेंककर फरार हो गए। हालांकि पिता का कहना है कि उसकी किसी से न तो रंजिश है। न ही अपहरण के बाद कोई फिरौती आदि की मांग की गई। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। जांच की जा रही है।