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छोटे भाई की हत्या में बड़े भाई को उम्रकैद
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बांदा। छोटे भाई की हत्या में बड़े भाई को अदालत ने उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी को घटना के 20 दिन बाद ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तब से जेल में है।
कोतवाली नगर के मवई बुजुर्ग गांव निवासी विधवा कल्ली पत्नी रामऔतार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पैतृक जमीन का एक साल पहले इकरारबय करके 11 लाख रुपये किस्तों में प्राप्त किए थे।
7 मार्च 2016 को दोपहर 2.30 बजे उसका बड़ा बेटा दिनेश उर्फ धंसा ने उससे पैसा मांगा। न देने पर उसके साथ मारपीट करने लगा। छोटे बेटे सुरेश ने बीचबचाव किया तो दिनेश उर्फ धंसा ने तमंचे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया।
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पुलिस ने धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर 26 मार्च 2016 को दिनेश को 315 बोर तमंचा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद गुरुवार को सुनाए फैसले में दिनेश उर्फ धंसा को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने पर 3 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। धारा 3/25 में एक वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने सात गवाह पेश किए।
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कोतवाली नगर के मवई बुजुर्ग गांव निवासी विधवा कल्ली पत्नी रामऔतार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पैतृक जमीन का एक साल पहले इकरारबय करके 11 लाख रुपये किस्तों में प्राप्त किए थे।
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7 मार्च 2016 को दोपहर 2.30 बजे उसका बड़ा बेटा दिनेश उर्फ धंसा ने उससे पैसा मांगा। न देने पर उसके साथ मारपीट करने लगा। छोटे बेटे सुरेश ने बीचबचाव किया तो दिनेश उर्फ धंसा ने तमंचे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया।
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पुलिस ने धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर 26 मार्च 2016 को दिनेश को 315 बोर तमंचा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद गुरुवार को सुनाए फैसले में दिनेश उर्फ धंसा को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने पर 3 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। धारा 3/25 में एक वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने सात गवाह पेश किए।