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हेड कांस्टेबल ने कोतवाली में खाया जहर
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:12 AM IST
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कानपुर देहात और गाजीपुर के ध्यानार्थ
फोटो 24 बीएनडी पी-12 : जिला अस्पताल में भर्ती कांस्टेबल से पूछताछ करते अपर एसपी एलबीके पाल। अमर उजाला
हेड कांस्टेबल ने कोतवाली में खाया जहर
गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती
कथित दूसरी पत्नी ने बेटी से छेड़छाड़ की दर्ज कराई रिपोर्ट
कोतवाली में समझौता वार्ता के दौरान हुआ विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। कथित दूसरी पत्नी द्वारा बेटी से अश्लील हरकतें करने की रिपोर्ट दर्ज करा देने पर पुलिस हेड कांस्टेबल ने जहर पी लिया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कांस्टेबल के जहर पीने की तीन दिन के अंदर जिले में दूसरी घटना है।
हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात मूलरूप से कानपुर देहात के मूसानगर निवासी जगदीश सिंह यादव मौजूदा समय में गाजीपुर जिले में तैनात है। लगभग 50 वर्षीय जगदीश वर्ष 2012-13 में बांदा शहर कोतवाली में तैनात रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक उन्हीं दिनों उसका बांदा शहर की एक महिला से संपर्क हो गया। हालांकि जगदीश की पत्नी और दो बेटे हैं। वे कानपुर में रहते हैं। इस महिला से जगदीश के तभी से संबंध चले आ रहे थे। इसी महिला से मिलने जगदीश बांदा आया था। बुधवार को उसने जहर पी लिया। सूत्रों के मुताबिक कांस्टेबल जगदीश ने कोतवाली में ही जहर खाया। कोतवाली में उस समय महिला भी मौजूद थी। दोनों के बीच वहीं विवाद हुआ। हालांकि पुलिस कोतवाली में जहर खाने की बात से इनकार कर रही है।
कोतवाली पुलिस ने जगदीश सिंह को जिला अस्पताल, पहुंचाया। अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल और सीओ राघवेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी भी अस्पताल पहुंचे और जगदीश से बातचीत की। उधर, महिला ने कोतवाली में दी तहरीर में कहा है कि वह जगदीश सिंह की दूसरी पत्नी है। बताया कि 4 अक्तूबर को जगदीश सिंह बांदा आया। उसे तथा उसकी 16 वर्षीय पुत्री को लेकर शहर के एक लाज में ठहरा। सोते समय रात में जगदीश ने उसकी पुत्री से छेड़छाड़ की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 9 अक्तूबर की रात जगदीश सिंह के विरुद्ध धारा 354 आईपीसी और पाक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। यह भी चर्चा है कि बृहस्पतिवार को जगदीश और महिला कोतवाली में सुलह-समझौता के लिए आए थे, लेकिन बात नहीं बनी। विवाद होने पर पुलिस ने जगदीश को कोतवाली के लॉकप में डाल दिया। उसने जहर पी लिया। हालांकि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक एके सिंह ने कोतवाली में जहर पीने की बात को गलत बताया। उधर, अस्पताल पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व कोतवाली के कांस्टेबल अरुण ने भी फोन पर पत्नी से हुई नोकझोंक के बाद जहर पी लिया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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कांस्टेबल के साथ बनारस और गाजीपुर भी गई थी महिला
वर्ष 2015 में जगदीश का बांदा से हो गया था तबादला
कई दिनों से कोतवाली में समझौते की पक रही थी खिचड़ी
कांस्टेबल की पत्नी और बेटे भी आए थे पैरवी में
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। आरोपी कांस्टेबल जगदीश सिंह यादव बांदा में महिला के संपर्क में आने के बाद लगातार उसके साथ रहा। सूत्रों के मुताबिक जगदीश का तबादला बांदा से वर्ष 2015 में बनारस हो गया था। वहां से वह गाजीपुर स्थानांतरित कर दिया गया। मौजूदा समय में वहां पुलिस लाइन में तैनात बताया गया है। बताते हैं कि बनारस और गाजीपुर में महिला उसके साथ बतौर पत्नी रही। कुछ दिन पहले ही अनबन होने पर वह बांदा लौट आई। उसी को मनाने जगदीश करीब 20 दिनों से डेरा डाले था। दोनों के बीच सुलह-समझौता कराने में कुछ बिचौलिए भी भूमिका निभा रहे थे। लेन-देन की भी बात चल रही थी। जगदीश महिला को कुछ पैसा लेकर मामला रफा-दफा कराना चाहता था। लेन-देन की बात कोतवाली प्रभारी ने भी बताई है, लेकिन दोनों के बीच बात नहीं तय हो पाई।
उधर, कोतवाली पुलिस इस मामले में पूरी तरह अपने बचाव में जुटी रही। कई दिनों से कोतवाली में यह प्रकरण चल रहा था। इसके बावजूद कोतवाली के पुलिस अधिकारी अनभिज्ञता जताते रहे। बताते हैं कि हेड कांस्टेबल जगदीश की धर्मपत्नी और उसके पुत्र भी इस बीच बांदा आए थे। पुत्रों ने कोतवाली में पिता की पैरवी भी की थी। मामला पाक्सो एक्ट और किशोरी से जुड़ा होने के चलते पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। बुधवार को हेड कांस्टेबल जगदीश को कोतवाली के लॉकप में डाले जाने पर भी पुलिस ने पर्दा डाल दिया। हालांकि इसके कुछ फोटोग्राफ भी लिए गए, लेकिन उन्हें गोपनीय रखा गया है।
इनसेट...
महिला ने तहरीर में खुद को बताया कांस्टेबल की पत्नी
बांदा। खाकी के रुआब में हेड कांस्टेबल जगदीश सिंह यादव अपने ही बुने जाल में फंस गया। पुलिस ने कोई दांव नहीं खेला तो अस्पताल से मुक्त होने के बाद उसे हवालात में जाना होगा। उसके विरुद्ध किशोरी के साथ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज है। खास बात यह है कि रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला खुद को जगदीश सिंह यादव की पत्नी बता रही है। कोतवाली में दी तहरीर में भी उसने खुद को जगदीश की पत्नी लिखा है। इस कथन के मुताबिक महिला ने भी दूसरी शादी की है। तहरीर में उसने खुद स्वीकारा है कि उसकी बेटी पहले पति की पुत्री है। ब्यूरो
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फोटो 24 बीएनडी पी-12 : जिला अस्पताल में भर्ती कांस्टेबल से पूछताछ करते अपर एसपी एलबीके पाल। अमर उजाला
हेड कांस्टेबल ने कोतवाली में खाया जहर
गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती
कथित दूसरी पत्नी ने बेटी से छेड़छाड़ की दर्ज कराई रिपोर्ट
कोतवाली में समझौता वार्ता के दौरान हुआ विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। कथित दूसरी पत्नी द्वारा बेटी से अश्लील हरकतें करने की रिपोर्ट दर्ज करा देने पर पुलिस हेड कांस्टेबल ने जहर पी लिया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कांस्टेबल के जहर पीने की तीन दिन के अंदर जिले में दूसरी घटना है।
हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात मूलरूप से कानपुर देहात के मूसानगर निवासी जगदीश सिंह यादव मौजूदा समय में गाजीपुर जिले में तैनात है। लगभग 50 वर्षीय जगदीश वर्ष 2012-13 में बांदा शहर कोतवाली में तैनात रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक उन्हीं दिनों उसका बांदा शहर की एक महिला से संपर्क हो गया। हालांकि जगदीश की पत्नी और दो बेटे हैं। वे कानपुर में रहते हैं। इस महिला से जगदीश के तभी से संबंध चले आ रहे थे। इसी महिला से मिलने जगदीश बांदा आया था। बुधवार को उसने जहर पी लिया। सूत्रों के मुताबिक कांस्टेबल जगदीश ने कोतवाली में ही जहर खाया। कोतवाली में उस समय महिला भी मौजूद थी। दोनों के बीच वहीं विवाद हुआ। हालांकि पुलिस कोतवाली में जहर खाने की बात से इनकार कर रही है।
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कोतवाली पुलिस ने जगदीश सिंह को जिला अस्पताल, पहुंचाया। अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल और सीओ राघवेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी भी अस्पताल पहुंचे और जगदीश से बातचीत की। उधर, महिला ने कोतवाली में दी तहरीर में कहा है कि वह जगदीश सिंह की दूसरी पत्नी है। बताया कि 4 अक्तूबर को जगदीश सिंह बांदा आया। उसे तथा उसकी 16 वर्षीय पुत्री को लेकर शहर के एक लाज में ठहरा। सोते समय रात में जगदीश ने उसकी पुत्री से छेड़छाड़ की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 9 अक्तूबर की रात जगदीश सिंह के विरुद्ध धारा 354 आईपीसी और पाक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। यह भी चर्चा है कि बृहस्पतिवार को जगदीश और महिला कोतवाली में सुलह-समझौता के लिए आए थे, लेकिन बात नहीं बनी। विवाद होने पर पुलिस ने जगदीश को कोतवाली के लॉकप में डाल दिया। उसने जहर पी लिया। हालांकि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक एके सिंह ने कोतवाली में जहर पीने की बात को गलत बताया। उधर, अस्पताल पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व कोतवाली के कांस्टेबल अरुण ने भी फोन पर पत्नी से हुई नोकझोंक के बाद जहर पी लिया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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कांस्टेबल के साथ बनारस और गाजीपुर भी गई थी महिला
वर्ष 2015 में जगदीश का बांदा से हो गया था तबादला
कई दिनों से कोतवाली में समझौते की पक रही थी खिचड़ी
कांस्टेबल की पत्नी और बेटे भी आए थे पैरवी में
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। आरोपी कांस्टेबल जगदीश सिंह यादव बांदा में महिला के संपर्क में आने के बाद लगातार उसके साथ रहा। सूत्रों के मुताबिक जगदीश का तबादला बांदा से वर्ष 2015 में बनारस हो गया था। वहां से वह गाजीपुर स्थानांतरित कर दिया गया। मौजूदा समय में वहां पुलिस लाइन में तैनात बताया गया है। बताते हैं कि बनारस और गाजीपुर में महिला उसके साथ बतौर पत्नी रही। कुछ दिन पहले ही अनबन होने पर वह बांदा लौट आई। उसी को मनाने जगदीश करीब 20 दिनों से डेरा डाले था। दोनों के बीच सुलह-समझौता कराने में कुछ बिचौलिए भी भूमिका निभा रहे थे। लेन-देन की भी बात चल रही थी। जगदीश महिला को कुछ पैसा लेकर मामला रफा-दफा कराना चाहता था। लेन-देन की बात कोतवाली प्रभारी ने भी बताई है, लेकिन दोनों के बीच बात नहीं तय हो पाई।
उधर, कोतवाली पुलिस इस मामले में पूरी तरह अपने बचाव में जुटी रही। कई दिनों से कोतवाली में यह प्रकरण चल रहा था। इसके बावजूद कोतवाली के पुलिस अधिकारी अनभिज्ञता जताते रहे। बताते हैं कि हेड कांस्टेबल जगदीश की धर्मपत्नी और उसके पुत्र भी इस बीच बांदा आए थे। पुत्रों ने कोतवाली में पिता की पैरवी भी की थी। मामला पाक्सो एक्ट और किशोरी से जुड़ा होने के चलते पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। बुधवार को हेड कांस्टेबल जगदीश को कोतवाली के लॉकप में डाले जाने पर भी पुलिस ने पर्दा डाल दिया। हालांकि इसके कुछ फोटोग्राफ भी लिए गए, लेकिन उन्हें गोपनीय रखा गया है।
इनसेट...
महिला ने तहरीर में खुद को बताया कांस्टेबल की पत्नी
बांदा। खाकी के रुआब में हेड कांस्टेबल जगदीश सिंह यादव अपने ही बुने जाल में फंस गया। पुलिस ने कोई दांव नहीं खेला तो अस्पताल से मुक्त होने के बाद उसे हवालात में जाना होगा। उसके विरुद्ध किशोरी के साथ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज है। खास बात यह है कि रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला खुद को जगदीश सिंह यादव की पत्नी बता रही है। कोतवाली में दी तहरीर में भी उसने खुद को जगदीश की पत्नी लिखा है। इस कथन के मुताबिक महिला ने भी दूसरी शादी की है। तहरीर में उसने खुद स्वीकारा है कि उसकी बेटी पहले पति की पुत्री है। ब्यूरो