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गैर इरादन हत्या में दो भाइयों को जेल
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:35 PM IST
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बांदा। लाठियों से पीटकर हुई हत्या को अदालत ने गैर इरादतन हत्या मानते हुए दोषी को पांच साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दूसरे अभियुक्त को तीन माह की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के अलिहा गांव के गोविंदा पुत्र शिवबरन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 7 अगस्त 2014 को 10 बजे दिन में उसका पिता शिवबरन अपने घर के दरवाजे में बैठा था। इसी बीच गांव के बाबूलाल, चुनवा, भुल्ली पुत्रगण दुर्गा लाठियां लेकर आ गए और खेत की सिंचाई के बाकी दो सौ रुपये मांगे।
न देने पर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और भाग गए। घायल पिता शिवबरन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने धारा 304, 504 में रिपोर्ट दर्ज मामले की विवेचना करके तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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लगभग चार वर्षों तक चली अदालती प्रक्रिया के बाद शुक्रवार को द्वितीय त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए बाबूलाल पुत्र दुर्गा को गैरइरादतन हत्या की धारा 304 में पांच साल की कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना किया।
धारा 504 में बाबूलाल और उसके भाई चुनवा को 3-3 माह की कैद और 1-1 हजार रुपये की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। तीसरे आरोपी भुल्ली को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के अलिहा गांव के गोविंदा पुत्र शिवबरन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 7 अगस्त 2014 को 10 बजे दिन में उसका पिता शिवबरन अपने घर के दरवाजे में बैठा था। इसी बीच गांव के बाबूलाल, चुनवा, भुल्ली पुत्रगण दुर्गा लाठियां लेकर आ गए और खेत की सिंचाई के बाकी दो सौ रुपये मांगे।
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न देने पर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और भाग गए। घायल पिता शिवबरन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने धारा 304, 504 में रिपोर्ट दर्ज मामले की विवेचना करके तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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लगभग चार वर्षों तक चली अदालती प्रक्रिया के बाद शुक्रवार को द्वितीय त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए बाबूलाल पुत्र दुर्गा को गैरइरादतन हत्या की धारा 304 में पांच साल की कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना किया।
धारा 504 में बाबूलाल और उसके भाई चुनवा को 3-3 माह की कैद और 1-1 हजार रुपये की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। तीसरे आरोपी भुल्ली को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।