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कांग्रेसियों ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
Updated Sat, 16 Jan 2016 12:04 AM IST
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बांदा। कांग्रेस ने यहां भ्रमण पर आए मुख्य सचिव पर गलत बयान देने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही किसानों को तत्काल मदद और राहत कार्य शुरू कराने का अनुरोध किया है।
शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को लिखा गया ज्ञापन यहां कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। इसमें कहा है कि बुंदेलखंड और बांदा में अकाल जैसे हालात हैं, लेकिन यहां भ्रमण पर आए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने 52 से 53 फीसदी बुआई होना बताया, जबकि कृषि विभाग के उप निदेशक 25 फीसदी बुआई बता चुके हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दोनों दावे ही गलत हैं।
जिले में बमुश्किल 10 से 12 फीसदी बुआई हो पाई है। जो फसल बोई गई है, उसके भी बचने की गारंटी नहीं है। कांग्रेसी नेताओं ने राज्यपाल से मांग की कि फर्जी बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और किसानों को आर्थिक मदद दी जाए।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ल, प्रदेश संगठन मंत्री साकेत बिहारी मिश्र, पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी सहित राजेश गुप्ता पप्पू, कुतैबा जमां खां, राममिलन पटेल, किशन बाबू गुप्ता, कुलदीप मिश्रा, जहांगीर खां, शिवदत्त अग्निहोत्री, ऊषा निषाद, हरिश्चंद्र वाजपेयी, संकटा प्रसाद त्रिपाठी, कैलाशनाथ वाजपेयी, ब्रह्मदत्त द्विवेदी और आदित्य कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
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साथ ही किसानों को तत्काल मदद और राहत कार्य शुरू कराने का अनुरोध किया है।
शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को लिखा गया ज्ञापन यहां कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। इसमें कहा है कि बुंदेलखंड और बांदा में अकाल जैसे हालात हैं, लेकिन यहां भ्रमण पर आए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने 52 से 53 फीसदी बुआई होना बताया, जबकि कृषि विभाग के उप निदेशक 25 फीसदी बुआई बता चुके हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दोनों दावे ही गलत हैं।
जिले में बमुश्किल 10 से 12 फीसदी बुआई हो पाई है। जो फसल बोई गई है, उसके भी बचने की गारंटी नहीं है। कांग्रेसी नेताओं ने राज्यपाल से मांग की कि फर्जी बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और किसानों को आर्थिक मदद दी जाए।
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ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ल, प्रदेश संगठन मंत्री साकेत बिहारी मिश्र, पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी सहित राजेश गुप्ता पप्पू, कुतैबा जमां खां, राममिलन पटेल, किशन बाबू गुप्ता, कुलदीप मिश्रा, जहांगीर खां, शिवदत्त अग्निहोत्री, ऊषा निषाद, हरिश्चंद्र वाजपेयी, संकटा प्रसाद त्रिपाठी, कैलाशनाथ वाजपेयी, ब्रह्मदत्त द्विवेदी और आदित्य कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
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