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बिजली देने के लिए बांदा को बनाया सर्किल
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
Updated Tue, 23 Feb 2016 11:29 PM IST
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सूखाग्रस्त बुंदेलखंड पर मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव खुद नजर रख रहे हैं। मंडल में भरपूर बिजली देने के लिए उन्होंने पावर कारपोरेशन के अफसरों के पेंच भी सके। इसकी वजह से कारपोरेशन के उच्चाधिकारियों की आमदरफ्त बढ़ी। कई सब स्टेशन नए चालू करने के बाद अब चित्रकूटधाम मंडल में अधीक्षक अभियंता और दो अधिशासी अभियंता और तैनात किए गए हैं।
अब किसी भी काम के लिए झांसी सर्किल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे अब किसानों के साथ आम लोगों को भी भरपूर बिजली मिलेगी। गर्मी में भी बिजली के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। दिसंबर में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली देने का आदेश दिया था लेकिन पावर कारपोरेशन ने 20 घंटे से ज्यादा आपूर्ति पर हाथ खड़े कर दिए थे। पिछले महीने चित्रकूटधाम मंडल में करीब 10 नए फीडर और ट्रांसफार्मर चालू किए गए हैं।
कारपोरेशन के बड़े अधिकारी लगातार बुंदेलखंड के चक्कर लगा रहे हैं। सोमवार को शाम कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक (ट्रांसमीशन) विशाल चौहान (आईएएस) यहां आए। उनके साथ निदेशक (आपरेशन) आरबी पांडेय भी थे। स्थानीय मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने उनकी अगुवानी की और मंडल की बिजली आपूर्ति व्यवस्था से अवगत कराया। सर्किट हाउस में प्रबंध निदेशक देर रात मीडिया को बताया कि बुंदेलखंड में बिजली आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए बांदा में एक अधीक्षण अभियंता और एक अधिशासी अभियंता (सिविल) की तैनाती की गई है।
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इसके अलावा हमीरपुर में अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) तैनात किए गए हैं। अब अनुरक्षण आदि के लिए झांसी के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुसार बुंदेलखंड को बिजली समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है। इसीलिए सारी कवायद की जा रही है।
सरचार्ज में पहली बार 100 फीसदी छूट
चित्रकूटधाम मंडल में पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिलों पर 100 फीसदी सरचार्ज (ब्याज) माफ करने की योजना लागू की गई है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि घरेलू और नलकूप कनेक्शनधारकों के बकाये पर लगाया गया अधिभार पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। इसके लिए एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी। बाद में यह फीस बिल में समाहित कर दी जाएगी। यह योजना 15 मार्च तक चलेगी। एमडी ने कहा कि जानकारी मिली है कि यहां शहर में 40 फीसदी से ज्यादा किसान परिवार रहते हैं। इसलिए शहर के उपभोक्ताओं को भी सरचार्ज में छूट का लाभ देने के लिए वह शासन से सिफारिश करेंगे।
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अब किसी भी काम के लिए झांसी सर्किल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे अब किसानों के साथ आम लोगों को भी भरपूर बिजली मिलेगी। गर्मी में भी बिजली के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। दिसंबर में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली देने का आदेश दिया था लेकिन पावर कारपोरेशन ने 20 घंटे से ज्यादा आपूर्ति पर हाथ खड़े कर दिए थे। पिछले महीने चित्रकूटधाम मंडल में करीब 10 नए फीडर और ट्रांसफार्मर चालू किए गए हैं।
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कारपोरेशन के बड़े अधिकारी लगातार बुंदेलखंड के चक्कर लगा रहे हैं। सोमवार को शाम कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक (ट्रांसमीशन) विशाल चौहान (आईएएस) यहां आए। उनके साथ निदेशक (आपरेशन) आरबी पांडेय भी थे। स्थानीय मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने उनकी अगुवानी की और मंडल की बिजली आपूर्ति व्यवस्था से अवगत कराया। सर्किट हाउस में प्रबंध निदेशक देर रात मीडिया को बताया कि बुंदेलखंड में बिजली आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए बांदा में एक अधीक्षण अभियंता और एक अधिशासी अभियंता (सिविल) की तैनाती की गई है।
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इसके अलावा हमीरपुर में अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) तैनात किए गए हैं। अब अनुरक्षण आदि के लिए झांसी के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुसार बुंदेलखंड को बिजली समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है। इसीलिए सारी कवायद की जा रही है।
सरचार्ज में पहली बार 100 फीसदी छूट
चित्रकूटधाम मंडल में पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिलों पर 100 फीसदी सरचार्ज (ब्याज) माफ करने की योजना लागू की गई है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि घरेलू और नलकूप कनेक्शनधारकों के बकाये पर लगाया गया अधिभार पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। इसके लिए एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी। बाद में यह फीस बिल में समाहित कर दी जाएगी। यह योजना 15 मार्च तक चलेगी। एमडी ने कहा कि जानकारी मिली है कि यहां शहर में 40 फीसदी से ज्यादा किसान परिवार रहते हैं। इसलिए शहर के उपभोक्ताओं को भी सरचार्ज में छूट का लाभ देने के लिए वह शासन से सिफारिश करेंगे।