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घुमंतू परिवारों के बच्चे पाएंगे शिक्षा

Tue, 17 Nov 2020 11:34 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 11:34 PM IST
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Children of nomadic families will get education
बांदा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अटल आवासीय विद्यालय अब घुमंतू और मजदूर परिवार के बच्चों का जीवन स्तर सुधारेगी। योजना के तहत इन परिवारों के बच्चों को आवासीय स्कूल में दाखिला दिलाकर उनमें शिक्षा की अलख जलाएगी। ऐसे ही चित्रकूटधाम मंडल में मजदूरों और घुमंतू परिवारों के बच्चे अब केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे अटल आवासीय विद्यालय में शिक्षा पा सकेंगे। हाल ही में केंद्र सरकार ने इन्हें मंजूरी दी है। मंडल मुख्यालय में एक स्कूल खोला जा रहा है, जिसमें घुमंतू और मजदूर परिवार के बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा।
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चित्रकूटधाम मंडल में खुलने वाला अटल आवासीय विद्यालय मंडल मुख्यालय बांदा जिले में खुलेगा। इस स्कूल के भवन के निर्माण की लागत एक करोड़ रुपये होगी। केंद्र सरकार ने पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये आवंटित भी कर दिए हैं। अगले वर्ष मार्च माह तक भवन बनकर तैयार हो जाएंगे। मंडल मुख्यालय के चारों जिलों बांदा, महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट के लगभग 2 हजार श्रमिक और घुमंतू घरानों के बच्चे इसमें दाखिला पाएंगे। केंद्रीय नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विद्यालय संचालित होगा।
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प्रदेश के श्रम विभाग के प्रमुख सचिव ने हाल ही में जिलाधिकारी को भेजे शासनादेश में कहा कि कस्तूरबा, आश्रम पद्धति विद्यालयों सहित अगले शिक्षा सत्र से अटल श्रम आवासीय विद्यालय में श्रमिक परिवारों के साथ ही घुमंतुओं के बच्चों को प्राथमिकता के साथ प्रवेश दिलाया जाए।
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पत्र में कहा कि घुमंतू परिवारों के पुनर्वास के लिए उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित कराया जाए। इनका श्रम विभाग में पंजीयन कराया जाए। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में तकरीबन दो हजार से अधिक घुमंतू परिवार हैं। अटल आवासीय विद्यालय में सन्निर्माण बोर्ड के पंजीकृत मजदूरों के ही बच्चों का ही इन स्कूलों में दाखिला होगा। हालांकि, उन्हें लिखित परीक्षा पास करनी होगी। शासन ने इस विद्यालय में प्रवेश के लिए अब घुमंतू जातियों के बच्चों के भी दाखिले का आदेश दिया है।
अटल आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाएं केंद्रीय नवोदय विद्यालय की तर्ज पर संचालित होंगी। स्टाफ से लेकर अन्य सभी सुविधाओं का मानक नवोदय विद्यालय के मानकों जैसा होगा। बच्चों को लिखित परीक्षा के बाद प्रवेश दिया जाएगा। चित्रकूटधाम मंडल के बांदा में खुल रहे विद्यालय में मंडल के दो हजार बच्चों को पढ़ने के साथ ही रहने, खाने, खेलने और मनोरंजन की सुविधाएं दी जाएंगी।
अटल आवासीय विद्यालय 16 एकड़ भूमि में बनेगा। इसमें आठ एकड़ में विद्यालय भवन और पांच एकड़ में छात्रावास का निर्माण होगा। खेलकूद गतिविधियों के लिए तीन एकड़ में खेल मैदान होगा। श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र शुक्ला ने बताया कि बांदा के अछरौड़ गांव में विद्यालय भवन निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। कार्रदाई संस्था समाज कल्याण निगम है।
पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों का होगा प्रवेश
अटल आवासीय विद्यालय में भवन सन्ननिर्माण बोर्ड से पंजीकृत श्रमिकों के बच्चे ही दाखिला ले सकेंगे। चित्रकूटधाम मंडल में 85 हजार से अधिक महिला व पुरुष श्रमिक पंजीकृत हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षा से लेकर रहना खाना सभी निशुल्क होगा। विद्यालय कक्षा छह से 12 तक संचालित होगा।

अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत विद्यालय की अनुमानित निर्माण की लागत एक करोड़ रुपये है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार 50-50 फीसदी धनराशि खर्च करेगी। केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की धनराशि आवंटित भी कर दी है। राज्य सरकार की धनराशि आना अभी शेष है। हालांकि, अभी विद्यालय का निर्माण पायलिंग स्तर पर है। इस संबंध में श्रम उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि अटल श्रम स्कूल के निर्माण का दायित्व समाज कल्याण निगम समेत अन्य निर्माण एजेंसियों को दिया गया है। बांदा जिले के सदर तहसील अंतर्गत अछरौड़ गांव में स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अगले वर्ष मार्च तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। अटल आवासीय विद्यालय में श्रमिक और घुमंतू परिवारों के बच्चों को ही प्रवेश मिलेगा।
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