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बाल अपराधी को बाल आपचारी कहा जाए
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बांदा। आपराधिक घटना अंजाम देने पर भी बालक को अपराधी नहीं कहा जाएगा। उसे बाल आपचारी कहा व माना जाएगा। पुलिस बच्चों के प्रति विशेष संवेदना के साथ पेश आए।
यह संदेश बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को दिए गए। इसके लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ ने भी इसी क्रम में निर्देश जारी किए हैं।
किशोर न्याय समिति के दिशा-निर्देशों पर कड़ाई से अमल करने के लिए निर्देश दिए गए। बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण के दूसरे और अंतिम दिन बाल संरक्षण अधिकारी, परिवीक्षा अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य, बाल कल्याण समिति सदस्य और एंटी ह्यूमन ट्रैपकिंग के अधिकारियों ने प्रशिक्षण दिया।
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कहा गया कि थाना स्तर पर बच्चों के साथ सद्व्यवहार करें और उनकी सुरक्षा का ख्याल रखें, क्योंकि बच्चे पूरी तरह परिपक्व नहीं होते। कहा कि उनमें सुधार की संभावनाएं होती हैं।
भले ही वह अपराधी क्यों न हो, लेकिन उन्हें बाल आपचारी कहा व माना जाएगा। प्रशिक्षण की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने की।
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यह संदेश बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को दिए गए। इसके लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ ने भी इसी क्रम में निर्देश जारी किए हैं।
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किशोर न्याय समिति के दिशा-निर्देशों पर कड़ाई से अमल करने के लिए निर्देश दिए गए। बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण के दूसरे और अंतिम दिन बाल संरक्षण अधिकारी, परिवीक्षा अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य, बाल कल्याण समिति सदस्य और एंटी ह्यूमन ट्रैपकिंग के अधिकारियों ने प्रशिक्षण दिया।
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कहा गया कि थाना स्तर पर बच्चों के साथ सद्व्यवहार करें और उनकी सुरक्षा का ख्याल रखें, क्योंकि बच्चे पूरी तरह परिपक्व नहीं होते। कहा कि उनमें सुधार की संभावनाएं होती हैं।
भले ही वह अपराधी क्यों न हो, लेकिन उन्हें बाल आपचारी कहा व माना जाएगा। प्रशिक्षण की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने की।