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बांदा: अनशनकारियों का टूटा सब्र, निकाला जुलूस
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बांदा। पिछले 10 दिनों से अनशन कर रहे ग्रामीणों शुक्रवार को सब्र टूट गया और सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उजाड़े गए ग्रामीणों को बसाने की मांग की।
उधर, पिछले दो दिनों में चार अनशनकारी को हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पथरिया खदान मजरा हटेटी पुरवा के ग्रामीण मकानों को नाजायज तरीके से गिराने के विरोध में पिछले 10 दिनों से अशोक लाट में अनशन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि आवासीय पट्टों सहित मकानों की क्षतिपूर्ति दी जाए। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर शुक्रवार को अनशनकारी सड़कों पर उतर आए।
अनशन स्थल से जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और धरना दिया। सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि वह दो दशक से ग्राम समाज की जमीन पर काबिज हैं। 17 दिसंबर 2020 को तहसीलदार व लेखपाल पुलिस बल के साथ पहुंचे और उनके घरों पर बुलडोजर चलवा दिया। खुले आसमान तले रहने को मजबूर हैं। अधिकारी चुप्पी साधे हैं। प्रदर्शन और ज्ञापन में मूलचंद्र, चंद्रपाल, फूलचंद्र, रामकरन, गुरू प्रसाद, रामफल आदि शामिल रहे।
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उधर, पिछले दो दिनों में चार अनशनकारी को हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पथरिया खदान मजरा हटेटी पुरवा के ग्रामीण मकानों को नाजायज तरीके से गिराने के विरोध में पिछले 10 दिनों से अशोक लाट में अनशन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि आवासीय पट्टों सहित मकानों की क्षतिपूर्ति दी जाए। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर शुक्रवार को अनशनकारी सड़कों पर उतर आए।
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अनशन स्थल से जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और धरना दिया। सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि वह दो दशक से ग्राम समाज की जमीन पर काबिज हैं। 17 दिसंबर 2020 को तहसीलदार व लेखपाल पुलिस बल के साथ पहुंचे और उनके घरों पर बुलडोजर चलवा दिया। खुले आसमान तले रहने को मजबूर हैं। अधिकारी चुप्पी साधे हैं। प्रदर्शन और ज्ञापन में मूलचंद्र, चंद्रपाल, फूलचंद्र, रामकरन, गुरू प्रसाद, रामफल आदि शामिल रहे।
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