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बिजली के लिए बवाल
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:45 PM IST
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जेल रोड पर जाम लगाए उपभोक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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चक्रवाती बारिश और तेज हवा से तीन दिन पूर्व अस्त-व्यस्त हुई मंडल मुख्यालय की बिजली आपूर्ति व्यवस्था सामान्य नहीं हुई। भीषण गर्मी और उमस के बीच शहर में बिजली को लेकर हंगामे और हाय-तोबा के हालात पैदा हो गए हैं। शुक्रवार की देर रात उत्तेजित उपभोक्ताओं के हुजूम ने शहर के पीलीकोठी स्थित सब स्टेशन में धावा बोल दिया। चल रहे अन्य फीडरों को जबरन बंद करा दिया। पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। 3 दिनों से बिन बिजली बिलबिला रहे उपभोक्ताओं ने शनिवार को सुबह सड़क पर जाम लगा दिया।
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आंधी-बारिश से जगह-जगह खंभे और लाइनें टूटने से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बुरी तरह लड़खड़ा गई। मुख्यालय के लगभग सभी फीडर ठप हो गए। बिजली कर्मी अभी तक स्थिति सामान्य नहीं कर पाए। पुलिस लाइन, स्वराज कालोनी और जरैली कोठी के इलाकों में लगातार तीन दिनों से बिजली बगैर जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई। शुक्रवार को शाम शहर के पीलीकोठी समेत कुछ फीडर चालू हो गए।
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लेकिन उपरोक्त इलाकों में आपूर्ति बहाल नहीं हुई। देर रात इन इलाकों के उत्तेजित नागरिकों ने पीली कोठी सब स्टेशन में धावा बोल दिया और चल रहे पीली कोठी के अन्य फीडरों को बंद करा दिया। ड्यूटी पर मौजूद बिजली कर्मियों ने इधर-उधर लुक-छिपकर जान बचाई। कुछ देर बाद अलीगंज चौकी पुलिस ने आकर उत्तेजितों को हटाया और आपूर्ति चालू की।
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शनिवार को सुबह फिर उपरोक्त इलाकों के उपभोक्ताओं ने जेल रोड पर धरना देकर जाम लगा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट आरसी तिवारी, बिजली विभाग के एसडीओ हिमांशु और सिविल लाइन चौकी फोर्स पहुंच गए। उपभोक्ताओं को शाम तक बिजली बहाल करने का भरोसा देकर जाम खुलवाया। उधर, शनिवार को भी पूरा दिन बांबेश्वर फीडर, संकट मोचन, छोटी बाजार फीडर आदि में दिनभर बिजली की आंख मिचौली जारी रही। उमस में लोग परेशान रहे। खास बात यह कि जनप्रतिनिधि और बड़े अफसर इस जबरदस्त बिजली संकट पर चुप्पी साधे हैं। बिजली विभाग के जेई से लेकर चीफ इंजीनियर तक अपने फोन नहीं उठा रहे। प्रशासन के अधिकारी भी कोई दखल नहीं दे रहे।