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Banda News: पुलिस की छत्रछाया में पलते रहे दोनों अपराधी, अब बने कातिल

Thu, 23 Oct 2025 10:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Thu, 23 Oct 2025 10:48 PM IST
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Both the criminals grew up under the protection of the police, now they have become murderers.
फोटो- 16 हत्यारोपी मनीष चतुर्वेदी। स्त्रोत : ग्रामीण
- हिस्ट्रीशीटर की हत्या के दूसरे दिन गांव में सन्नाटा, हत्यारोपी संघ से जुड़ाव के चलते थे बेखौफ
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- ग्रामीण बोले- संघ से जुड़ने के बाद मनीष व मोहित के आगे पुलिस भी थी झुकी, रसूख से था दबदबा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। मटौंध थाना क्षेत्र के त्रिवेणी गांव में बुधवार की दोपहर दिवारी नृत्य के दौरान हुए खूनी संघर्ष के बाद दूसरे दिन भी पूरा गांव सन्नाटे में डूबा रहा। हिस्ट्रीशीटर मनीष चतुर्वेदी, उसके भाई मोहित चतुर्वेदी व पिता प्रदीप चतुर्वेदी द्वारा फायरिंग कर मुन्ना यादव की हत्या की वारदात ने इलाके में खौफ फैला दिया है। पुलिस ने भले ही मनीष के पिता प्रदीप चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन मुख्य आरोपी मनीष और उसका भाई मोहित अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक दिवारी नृत्य के बाद जब दोनों हिस्ट्रीशीटर आमने-सामने आए, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया था। एक-दूसरे को घूरने के बाद मामला इतना बढ़ गया कि मनीष ने तमंचा निकालकर गोली चला दी। गोली सीधे मुन्ना यादव के सीने में लगी, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गया। गांव के लोग मनीष को लंबे समय से अपराधी प्रवृत्ति का बताते हैं।
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नाम न प्रकाशित करने के आग्रह पर ग्रामीणों ने बताया कि वह अक्सर घरों में घुसकर चोरी करता, महिलाओं के जेवर छीन लेता और लोगों को डराने-धमकाने का काम करता था। उसके खिलाफ कई बार शिकायतें भी हुईं, मगर कार्रवाई कभी नहीं हुई। वजह बताई जाती है उसका स्थानीय थाना-चौकी और एक संगठन के पदाधिकारियों से करीबी संबंध।
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ग्रामीणों के मुताबिक कुछ साल पहले जब पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त रवैया अपनाना शुरू किया तो मनीष व मोहित ने खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जोड़ लिया। इसके बाद हर बार जब भी कोई शिकायत होती, संघ से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग थाने में फोन करके मामला रफा-दफा करा देते। ग्रामीणों का कहना है कि इसी छत्रछाया में मनीष व मोहित का हौसला बढ़ता गया।
एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा कि अब तो हालत यह थे कि मनीष पुलिस वालों के साथ हंसते-खेलते घूमता था। कई बार उसे सिपाहियों के साथ बाइक पर बैठकर गश्त करते भी देखा गया। घटना के बाद से गांव में दहशत है। लोग अपने घरों में दरवाजे बंद करके बैठ गए हैं। कोई खुलकर बयान देने को तैयार नहीं।

पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। जल्द ही दोनों भाइयों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।

फोटो- 16 हत्यारोपी मनीष चतुर्वेदी। स्त्रोत : ग्रामीण

फोटो- 16 हत्यारोपी मनीष चतुर्वेदी। स्त्रोत : ग्रामीण

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