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बीडीओ ने शुरू कराया, प्रधान ने रुकवाया
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:49 PM IST
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बांदा। बुंदेलखंड में मुख्यमंत्री द्वारा मनरेगा से
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हर गांव में काम शुरू कराने के पिछले दिनों जारी किए गए आदेश के बाद
आनन-फानन गांवों में फावड़े चलवा दिए गए हैं।
नवनिर्वाचित प्रधान परेशान हो गए हैं। प्रशासन के आंकड़ों में जिले के सभी 436 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के काम शुरू हो गए हैं। इनमें 13,370 मजदूरों के काम करने का दावा किया गया है।
उधर, बिन पैसे काम कराने से मजदूरी को लेकर संभावित हो हल्ला से सहमे प्रधानों ने काम रुकवा दिया है। नरैनी क्षेत्र का नीबी गांव इसकी बानगी है। यहां बृहस्पतिवार को डुग्गी पीटकर प्रधान और सचिव ने मनरेगा कार्य बंद करा दिए।
सूखे बुंदेलखंड में मुख्यमंत्री की गड़ी निगाहें और 13 जनवरी को चित्रकूटधाम मंडल आ रहे मुख्य सचिव की खबरों ने मनरेगा से संबंधित अधिकारियों का चैन छीन लिया है।
फौरी तौर पर सभी गांवों में बिना किसी तैयारी या बजट आदि की व्यवस्था से मनरेगा से काम शुरू करा दिए गए हैं। उपायुक्त (श्रम रोजगार), संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक के मुताबिक जनपद के सभी आठ ब्लाकों में हरेक ग्राम पंचायत मेें मनरेगा के काम चालू हुए।
बबेरू ब्लाक के 57 गांवों में 3164, बड़ोखर ब्लाक के 52 गांवों में 2840, बिसंडा ब्लाक के 47 गांवों में 1385, जसपुरा ब्लाक के 30 गांवों में 740, कमासिन ब्लाक में 52 गांवों में 1190, महुआ ब्लाक के 70 गांवों में 985 और तिंदवारी ब्लाक के 51 गांवों में 1125 मजदूरों को काम पर लगाया जाना बताया है।
उधर, बजट आदि से अनभिज्ञ नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान इस बात पर परेशान हैं कि मजदूरी कैसे और कहां से दी जाएगी। इसकी बानगी बृहस्पतिवार को नरैनी ब्लाक के नीबी गांव में देखने को मिली।
यहां 31 दिसंबर से मनरेगा के तहत रामसिया के खेत में बंधी बांधने का काम बीडीओ रामकिशुन ने शुरू कराया। 35 मजदूर लगाए गए। बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान और सचिव ने गांव में डुग्गी पिटवा दी कि कोई भी मजदूर मनरेगा में काम न करें, वरना मजदूरी देने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की नहीं होगी।
यह सुनकर मजदूर काम पर नहीं गए। खबर पाकर विद्याधाम समिति के राजाभइया इस गांव पहुंच गए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी और बीडीओ को फोन पर सूचना दी। सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ नीबी गांव पहुंचे।
वहां मजदूरों ने उन्हें घेर लिया। बीडीओ ने सचिव को पटकार लगाई। ग्राम प्रधान से भी नाराजगी जताई। अपने सामने ही फिर काम शुरू कराया।
आधा दर्जन से ज्यादा मजदूरों ने काम शुरू किया। उधर, उपायुक्त की रिपोर्ट की पोल नरैनी क्षेत्र के ही कई गांवों में खुल गई है।
रगौली, भटपुरा, बिल्हरका, रेहुंची, गाल्हा आदि गांवों में मनरेगा से कोई काम नहीं शुरू हुए। इस बाबत खंड विकास अधिकारी का कहना है कि वह इसका पता लगाकर जल्द ही काम शुरू कराएंगे।
नवनिर्वाचित प्रधान परेशान हो गए हैं। प्रशासन के आंकड़ों में जिले के सभी 436 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के काम शुरू हो गए हैं। इनमें 13,370 मजदूरों के काम करने का दावा किया गया है।
उधर, बिन पैसे काम कराने से मजदूरी को लेकर संभावित हो हल्ला से सहमे प्रधानों ने काम रुकवा दिया है। नरैनी क्षेत्र का नीबी गांव इसकी बानगी है। यहां बृहस्पतिवार को डुग्गी पीटकर प्रधान और सचिव ने मनरेगा कार्य बंद करा दिए।
सूखे बुंदेलखंड में मुख्यमंत्री की गड़ी निगाहें और 13 जनवरी को चित्रकूटधाम मंडल आ रहे मुख्य सचिव की खबरों ने मनरेगा से संबंधित अधिकारियों का चैन छीन लिया है।
फौरी तौर पर सभी गांवों में बिना किसी तैयारी या बजट आदि की व्यवस्था से मनरेगा से काम शुरू करा दिए गए हैं। उपायुक्त (श्रम रोजगार), संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक के मुताबिक जनपद के सभी आठ ब्लाकों में हरेक ग्राम पंचायत मेें मनरेगा के काम चालू हुए।
बबेरू ब्लाक के 57 गांवों में 3164, बड़ोखर ब्लाक के 52 गांवों में 2840, बिसंडा ब्लाक के 47 गांवों में 1385, जसपुरा ब्लाक के 30 गांवों में 740, कमासिन ब्लाक में 52 गांवों में 1190, महुआ ब्लाक के 70 गांवों में 985 और तिंदवारी ब्लाक के 51 गांवों में 1125 मजदूरों को काम पर लगाया जाना बताया है।
उधर, बजट आदि से अनभिज्ञ नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान इस बात पर परेशान हैं कि मजदूरी कैसे और कहां से दी जाएगी। इसकी बानगी बृहस्पतिवार को नरैनी ब्लाक के नीबी गांव में देखने को मिली।
यहां 31 दिसंबर से मनरेगा के तहत रामसिया के खेत में बंधी बांधने का काम बीडीओ रामकिशुन ने शुरू कराया। 35 मजदूर लगाए गए। बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान और सचिव ने गांव में डुग्गी पिटवा दी कि कोई भी मजदूर मनरेगा में काम न करें, वरना मजदूरी देने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की नहीं होगी।
यह सुनकर मजदूर काम पर नहीं गए। खबर पाकर विद्याधाम समिति के राजाभइया इस गांव पहुंच गए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी और बीडीओ को फोन पर सूचना दी। सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ नीबी गांव पहुंचे।
वहां मजदूरों ने उन्हें घेर लिया। बीडीओ ने सचिव को पटकार लगाई। ग्राम प्रधान से भी नाराजगी जताई। अपने सामने ही फिर काम शुरू कराया।
आधा दर्जन से ज्यादा मजदूरों ने काम शुरू किया। उधर, उपायुक्त की रिपोर्ट की पोल नरैनी क्षेत्र के ही कई गांवों में खुल गई है।
रगौली, भटपुरा, बिल्हरका, रेहुंची, गाल्हा आदि गांवों में मनरेगा से कोई काम नहीं शुरू हुए। इस बाबत खंड विकास अधिकारी का कहना है कि वह इसका पता लगाकर जल्द ही काम शुरू कराएंगे।