{"_id":"5c58812ebdec227361540368","slug":"bar-president-hunger-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"बार अध्यक्ष का आमरण अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बार अध्यक्ष का आमरण अनशन
Mon, 04 Feb 2019 11:45 PM IST
ASIF ASIF
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Published by: ASIF ASIF
Updated Mon, 04 Feb 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
अशोक लाट में आमरण अनशन पर बैठे जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर कोतवाल के खिलाफ मोर्चा खोले जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सोमवार से स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट पर आमरण अनशन पर बैठ गए। उनका कहना है कि नए कोतवाल की तैनाती तक अनशन जारी रहेगा। अध्यक्ष के साथ संघ के तमाम सदस्य शामिल हैं। आंदोलन को पूरे बुंदेलखंड में फैलाकर और तीव्र करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
पूर्व घोषणा के मुताबिक बार अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी जीतू ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर अनशन पर बैठाया। अनशन स्थल पर लगभग पूरा दिन अधिवक्ताओं का जमघट रहा और पुलिस अफसरों व कोतवाली प्रभारी के विरुद्ध जोशीले भाषण हुए। जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और सत्तारूढ़ दल के कुछ कथित लोगों द्वारा कोतवाल की गुपचुप ढंग से की जा रही पैरवी पर भी अधिवक्ता जमकर बरसे।
विज्ञापन
कहा कि अधिवक्ता परिवार ऐसे लोगों को चुनाव में सबक सिखाएंगे। अधिवक्ता संघ पूर्व अध्यक्ष रामनाथ श्रीवास्तव, रामकृष्ण त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह और पूर्व महासचिव राघवेंद्र सिंह भदौरिया सहित चंद्रपाल सिंह, डॉ. विचित्रवीर सिंह, रोहन सिन्हा, सज्जाद अली, फहीम खां, रमाकांत द्विवेदी, चंद्रप्रकाश कुशवाहा, राजाभइया कुशवाहा, संतोष द्विवेदी ने भी संबोधित किया। सभा का संचालन अधिवक्ता विजय उपाध्याय ने किया। लोकतंत्र रक्षक सेनानी नौशाद अली भारतीय, अधिवक्ता गोविंद त्रिपाठी भी शामिल रहे।
विज्ञापन
अध्यक्ष जीतू ने बताया कि अनशन स्थल पर पुलिस के एक अधिकारी और स्थानीय एलआईयू के प्रतिनिधि ने आकर बताया कि शहर कोतवाल आनंद कुमार सिंह का हमीरपुर तबादला कर दिया गया है। आदेश की जो प्रति दी है, उसमें डीआईजी द्वारा 31 जनवरी को तबादला करना बताया गया है, जबकि यह आदेश अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मौजूदा कोतवाल की रवानगी और नए कोतवाल की आमद के बाद ही अनशन खत्म करेंगे। उधर, अधिवक्ता और समाजसेवी विमलकृष्ण श्रीवास्तव ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि भाजपा सरकारों में आम आदमी से लेकर अधिवक्ता तक सुरक्षित और सम्मानित नहीं है। कोतवाली प्रभारी के विरुद्ध चल रहे आंदोलन में सत्तारूढ़ दल के नेता तमाशाई बने हैं। बार एसोसिएशन अध्यक्ष को अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है।