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बांदा : संदिग्ध हालात में भाई और दो बहनों की मौत, तीसरी की हालत गंभीर, सांप या विषखापर के काटने की आशंका, पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
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बांदा से रक्षा, दीक्षा और अमन। (बांदा)
- फोटो : BANDA
बांदा। शहर के ज्योति नगर में रविवार की रात एक भाई और दो बहनों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। तीसरी बहन की हालत गंभीर है। उसे मेडिकल कालेज के आईसीयू में रखा गया है। सांप या विषखापर के काटने की चर्चा है। डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
पिता कामता प्रसाद राजपूत ने बताया कि पुत्रियां रचना (16), रक्षा (14) व दीक्षा (7) और पुत्र अमन (10) एक ही पलंग पर सो रहे थे। सोमवार की सुबह पांच बजे बेटे को ऐंठते हुए देखा तो हड़बड़ाकर उठा और उन्हें टटोला। सभी बच्चे बेहोशी की हालत में थे। तत्काल बच्चों को जिला अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान दीक्षा, अमन और रक्षा की मृत्यु हो गई। रचना की हालत गंभीर है।
डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मृत्यु का सही कारण पता चल सकेगा। वहीं पर मृतकों के कपड़े उतारकर किसी जीव के काटने के निशान देखे जाएंगे। चचेरे भाई फूटाकुआं पल्हरी गांव निवासी अमित राजपूत ने बताया कि रचना ने बेहोशी की हालत में किसी कीडे़ के काटने की बात बताई है, लेकिन पूरी बात समझ में नहीं आई। क्षेत्राधिकारी नगर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। सभी बच्चे बीते 10 साल से अपने परिवार के साथ ननिहाल मेें रह रहे थे।
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पिता कामता प्रसाद राजपूत ने बताया कि पुत्रियां रचना (16), रक्षा (14) व दीक्षा (7) और पुत्र अमन (10) एक ही पलंग पर सो रहे थे। सोमवार की सुबह पांच बजे बेटे को ऐंठते हुए देखा तो हड़बड़ाकर उठा और उन्हें टटोला। सभी बच्चे बेहोशी की हालत में थे। तत्काल बच्चों को जिला अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान दीक्षा, अमन और रक्षा की मृत्यु हो गई। रचना की हालत गंभीर है।
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डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मृत्यु का सही कारण पता चल सकेगा। वहीं पर मृतकों के कपड़े उतारकर किसी जीव के काटने के निशान देखे जाएंगे। चचेरे भाई फूटाकुआं पल्हरी गांव निवासी अमित राजपूत ने बताया कि रचना ने बेहोशी की हालत में किसी कीडे़ के काटने की बात बताई है, लेकिन पूरी बात समझ में नहीं आई। क्षेत्राधिकारी नगर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। सभी बच्चे बीते 10 साल से अपने परिवार के साथ ननिहाल मेें रह रहे थे।
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