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वृद्ध को घर से घसीट पशुबाड़े में जिंदा फूंका
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 13 Jun 2015 11:15 PM IST
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मारपीट के मुकदमे में समझौता न करने पर कुछ हमलावरों ने 65 वर्षीय वृद्ध को घर से घसीटकर उसी के पशुबाड़े में जिंदा फूंक दिया। पुत्रियों के शोर मचाने पर आए पड़ोसियों को देखकर हमलावर भाग निकले। दिल दहला देने वाली यह घटना शुक्रवार की रात बबेरू कोतवाली क्षेत्र के सपहाई गुरौली गांव में हुई।
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मृतक की पुत्री ने तीन सगे भाइयों समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। ये सभी एक ही खानदान के हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बसपा विधायक समेत पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। गांव मेें दहशत है।
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सपहाई गुरौली गांव का देवीदयाल कुशवाहा पुत्र बैजू अपने घर में सो रहा था। रात करीब डेढ़ बजे आधा दर्जन लोगों ने दरवाजा खटखटाया। देवीदयाल के दरवाजा खोलते ही असलहों से लैस हमलावरों ने उसे दबोच लिया और घसीटकर नजदीक स्थित उसी के पशुबाड़े में ले गए।
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वहां रखे कंडे, लकड़ी और घास आदि की चिता बनाकर उसमें आग लगा दी और देवीदयाल को उसमें डालकर जिंदा फूंक दिया। इस बीच आंगन में सो रही पुत्री चंपा और देवीदयाल की बहन राजादेवी जाग गईं। उनके शोर मचाने पर गांव के लोग आ गए तो हमलावर भाग निकले।
इस बीच धू-धू कर जल रही चिता की आग गांववालों ने बुझाई। खबर पाकर फायर ब्रिगेड भी आ गई। कोतवाली पुलिस बाद में पहुंची। शनिवार को सुबह अपर एसपी आशुतोष शुक्ल, एसडीएम प्रहलाद सिंह, क्षेत्राधिकारी यशवीर सिंह, नायब तहसीलदार दिलीप कुमार, कोतवाली प्रभारी अभिमन्यु यादव ने मौका मुआयना किया।
मृतक के परिजनों से बातचीत की। बसपा विधायक गयाचरण दिनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा, पूर्व मंत्री बाबूलाल कुशवाहा, बीएम कुशवाहा, ब्लाक प्रमुख महेंद्र कुशवाहा, बसपा नेता मधुसूदन कुशवाहा, आनंद यादव आदि भी मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों का सांत्वना दी। बसपा विधायक ने पुलिस पर संवेदनहीनता और निष्क्रियता के आरोप लगाए।
मृतक की पुत्री चंपा की तहरीर पर बबेरू कोतवाली में तीन सगे भाइयों अखिलेश, राजाराम और मिथलेश पुत्रगण रमेश यादव सहित मनुआ पुत्र रामनरेश यादव, महेश पुत्र पंचा यादव और मदन पुत्र शंकर यादव के विरुद्ध हत्या की धारा 302 और शव जलाकर साक्ष्य छिपाने की धारा 201 तथा धारा 147 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
घटना की पृष्ठभूमि मेें मृतक की पुत्री चंपा ने बताया कि 20 अप्रैल 2015 को आरोपियों के जानवर उसके खेत में चर रहे थे। मां रजपतिया ने इसका विरोध किया तो इन लोगों ने लाठियों से पीटकर उसके हाथ-पैर तोड़ दिए। आज भी रजपतिया के हाथ-पैरों में प्लास्टर चढ़ा है।
पुलिस ने मारपीट की मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके आगे कोई कार्रवाई नहीं की। पुत्री चंपा ने बताया कि आरोपी समझौता न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इस पर उसके पिता देवीदयाल ने 11 मई को पुलिस अधीक्षक को शिकायतीपत्र भी दिया था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इससे इन लोगों का दुस्साहस बढ़ता गया और यह वारदात कर दी।