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मां की खुशी से है घर की खुशहाली
Banda
Updated Sat, 10 May 2014 05:32 AM IST
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बांदा। ‘मदर्स-डे’ के मौके पर बृहस्पतिवार को संत तुलसी पब्लिक स्कूल में बच्चों को मां की महत्ता और ममता से वाकिफ कराया गया। कुछ बच्चों और शिक्षिकाओं ने गीत, कविताओं और संबोधनों के जरिए मां के प्रति प्रेम का इजहार किया। कहा कि मां की खुशी से है घर की खुशहाली।
स्कूल समिति सदस्य संतोष मसुरहा और वीरेंद्र सिंह ने सरस्वती चित्र पर फूल चढ़ाकर शुरूआत की। प्रबंधक संत कुमार ने तुलसीदास की प्रतिमा और डा. जगदीश सिंह चंसौरिया व टीचर आशा सिंह ने ‘मां’ के चित्र पर फूल चढ़ाए। टीचस पूनम गुबरैले ने सरस्वती वंदना की। बच्चों ने भी अपने संबोधन में मां के प्रति प्रेम और स्नेह दर्शाया। डा. ज्ञानेंद्र ने मां को पहली शिक्षिका बताया। डा. जगदीश ने मां की तुलना ब्रह्मा, विष्णु, महेश से की। वीके मेनन ने कहा कि मां सर्वोपरि है। जिस घर में मां खुश होगी, वहां खुशहाली होगी। इस अवसर पर विद्यालय में प्राथमिक चिकित्सा कक्ष का उद्घाटन डा. ज्ञानेंद्र ने किया। प्रबंधक ने सभी का आभार जताया।
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स्कूल समिति सदस्य संतोष मसुरहा और वीरेंद्र सिंह ने सरस्वती चित्र पर फूल चढ़ाकर शुरूआत की। प्रबंधक संत कुमार ने तुलसीदास की प्रतिमा और डा. जगदीश सिंह चंसौरिया व टीचर आशा सिंह ने ‘मां’ के चित्र पर फूल चढ़ाए। टीचस पूनम गुबरैले ने सरस्वती वंदना की। बच्चों ने भी अपने संबोधन में मां के प्रति प्रेम और स्नेह दर्शाया। डा. ज्ञानेंद्र ने मां को पहली शिक्षिका बताया। डा. जगदीश ने मां की तुलना ब्रह्मा, विष्णु, महेश से की। वीके मेनन ने कहा कि मां सर्वोपरि है। जिस घर में मां खुश होगी, वहां खुशहाली होगी। इस अवसर पर विद्यालय में प्राथमिक चिकित्सा कक्ष का उद्घाटन डा. ज्ञानेंद्र ने किया। प्रबंधक ने सभी का आभार जताया।
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