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कंपनी कर्मियों के विरुद्ध धोखाधड़ी की होगी रिपोर्ट
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। मकान के किराए का चेक बाउंस होने पर बायो प्लांटेशन कंपनी के बरेली और लखनऊ के रहने वाले चार कर्मियों के खिलाफ एनआईए एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश अदालत ने दिए हैं।
अधिवक्ता धीरेंद्र कुमार द्विवेदी ने सीजेएम न्यायालय में धारा 156 (3) के अंतर्गत अर्जी दी है। अर्जी के मुताबिक उसने जून 2016 में 2800 रुपये प्रति माह किराए की शर्त पर अपना मकान शुभ एसेसीज बायोटेक प्लांटेशन, गोमती नगर, लखनऊ के कर्मचारियों को दिया था। यह कंपनी आम, सागौन आदि के पौधे लगाकर दो वर्ष तक उनकी देखरेख का काम करती है। अधिवक्ता ने बताया कि उसने अपने माध्यम से चंदवारा गांव में पौधे लगवाए। लेकिन वह सूख गए।
कंपनी ने शर्त के मुताबिक पौधों को नहीं बदला। उधर, दिसंबर 2016 में मकान के किराए का 10 हजार रुपये का चेक दिया। मकान मालिक अधिवक्ता ने इस चेक को एसबीआई में अपने खाते में जमा किया तो वह बाउंस हो गया। अधिवक्ता ने सीजेएम से अनुरोध किया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई और उसका पांच लाख 67 हजार 800 रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस उसकी रिपोर्ट नहीं लिख रही। सोमवार को सीजेएम ने इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि प्रथम दृष्टया यह संज्ञेय अपराध का मामला प्रतीत होता है। लिहाजा संबंधित थाना प्रभारी (शहर कोतवाली) इसमें एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करें। आरोपियों में कंपनी के बरेली निवासी दिनेश शर्मा और लखनऊ निवासी सर्वेश सिंह, केके तिवारी और अंशुमान सिंह उर्फ अंशू शामिल हैं।
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-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए
-बरेली और लखनऊ के हैं कंपनी कर्मचारी
-सूखे पौधे बदले नहीं, चेक बाउंस हो गया
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बांदा। मकान के किराए का चेक बाउंस होने पर बायो प्लांटेशन कंपनी के बरेली और लखनऊ के रहने वाले चार कर्मियों के खिलाफ एनआईए एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश अदालत ने दिए हैं।
अधिवक्ता धीरेंद्र कुमार द्विवेदी ने सीजेएम न्यायालय में धारा 156 (3) के अंतर्गत अर्जी दी है। अर्जी के मुताबिक उसने जून 2016 में 2800 रुपये प्रति माह किराए की शर्त पर अपना मकान शुभ एसेसीज बायोटेक प्लांटेशन, गोमती नगर, लखनऊ के कर्मचारियों को दिया था। यह कंपनी आम, सागौन आदि के पौधे लगाकर दो वर्ष तक उनकी देखरेख का काम करती है। अधिवक्ता ने बताया कि उसने अपने माध्यम से चंदवारा गांव में पौधे लगवाए। लेकिन वह सूख गए।
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कंपनी ने शर्त के मुताबिक पौधों को नहीं बदला। उधर, दिसंबर 2016 में मकान के किराए का 10 हजार रुपये का चेक दिया। मकान मालिक अधिवक्ता ने इस चेक को एसबीआई में अपने खाते में जमा किया तो वह बाउंस हो गया। अधिवक्ता ने सीजेएम से अनुरोध किया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई और उसका पांच लाख 67 हजार 800 रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस उसकी रिपोर्ट नहीं लिख रही। सोमवार को सीजेएम ने इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि प्रथम दृष्टया यह संज्ञेय अपराध का मामला प्रतीत होता है। लिहाजा संबंधित थाना प्रभारी (शहर कोतवाली) इसमें एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करें। आरोपियों में कंपनी के बरेली निवासी दिनेश शर्मा और लखनऊ निवासी सर्वेश सिंह, केके तिवारी और अंशुमान सिंह उर्फ अंशू शामिल हैं।
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-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए
-बरेली और लखनऊ के हैं कंपनी कर्मचारी
-सूखे पौधे बदले नहीं, चेक बाउंस हो गया