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हर केंद्र पर होंगे स्टेटिक मजिस्ट्रेट
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बांदा। यूपी बोर्ड परीक्षा में एक और बदलाव किया गया है। अबकी प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती होगी। पिछले साल कुल 62 परीक्षा केंद्रों पर 8 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।
गुरुवार से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। जिले के 58 केंद्रों में 43,797 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित होंगे। माध्यमिक, बेसिक और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 1248 शिक्षक कक्ष निरीक्षक बनाए गए हैं। पांच सचल दल व आठ सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इधर, शासन के नए निर्देशों पर इस वर्ष प्रत्येक परीक्षा केंद्र में एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किया जाएगा।
परीक्षा शुरू होने से लेकर समाप्ति तक की पूरी रिपोर्ट डीएम, एसपी, डीआईओएस और सेक्टर मजिस्ट्रेट को देंगे। विभाग ने स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती का काम शुरू कर दिया है। पिछले साल प्रति आठ केंद्रों पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती थी। राजकीय कालेजों के शिक्षकों को स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाया जाएगा।
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स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अधिकार
स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों में काफी प्रभावी साबित होंगे। इन्हें कई अधिकार दिए गए हैं। सामूहिक नकल की स्थिति में परीक्षा केंद्र को डिबार करने की संस्तुति कर सकेंगे। शांति व्यवस्था भंग होने जैसे हालात होने पर परीक्षा के समय में कुछ वृद्धि कर सकते हैं। परीक्षा नियमों के विरुद्ध आचरण करने वालों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज करा सकेंगे।
प्रवेश पत्रों में गड़बड़ियों से परीक्षार्थी परेशान
बांदा। 6 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। कालेजों में परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र वितरित किए जा रहे हैं। सोमवार को कालेजों में इसी की गहमागहमी रही। छात्र-छात्राएं अपने प्रवेश पत्र प्राप्त करते रहे। हालांकि प्रवेश पत्र वितरण का कार्य एक हफ्ते पूर्व शुरू हो चुका है।
ज्यादातर परीक्षार्थी अंतिम दिनों में इन्हें प्राप्त कर रहे हैं। उधर, प्रवेश पत्रों में गड़बड़ियों की भी तमाम शिकायतें सामने आई हैं। त्रुटियों को दुरुस्त कराने के लिए परीक्षार्थी परेशान रहे। हालांकि साधारण गड़बड़ियों को विद्यालय स्तर पर ही दुरुस्त कर दिया जा रहा है।
डीएवी के छात्र स्वयंबर के प्रवेश पत्र में किसी अन्य छात्र की फोटो है। ऐसे तमाम उदाहरण हैं। डीआईओएस हिफजुर्रहमान का कहना है जिन छात्रों के प्रवेश पत्र नहीं आए है या नाम व विषय में त्रुटि है वे नेट से प्रवेश पत्र निकलाकर संबंधित विद्यालय से सत्यापित करा लें।
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गुरुवार से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। जिले के 58 केंद्रों में 43,797 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित होंगे। माध्यमिक, बेसिक और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 1248 शिक्षक कक्ष निरीक्षक बनाए गए हैं। पांच सचल दल व आठ सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इधर, शासन के नए निर्देशों पर इस वर्ष प्रत्येक परीक्षा केंद्र में एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किया जाएगा।
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परीक्षा शुरू होने से लेकर समाप्ति तक की पूरी रिपोर्ट डीएम, एसपी, डीआईओएस और सेक्टर मजिस्ट्रेट को देंगे। विभाग ने स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती का काम शुरू कर दिया है। पिछले साल प्रति आठ केंद्रों पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती थी। राजकीय कालेजों के शिक्षकों को स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाया जाएगा।
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स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अधिकार
स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों में काफी प्रभावी साबित होंगे। इन्हें कई अधिकार दिए गए हैं। सामूहिक नकल की स्थिति में परीक्षा केंद्र को डिबार करने की संस्तुति कर सकेंगे। शांति व्यवस्था भंग होने जैसे हालात होने पर परीक्षा के समय में कुछ वृद्धि कर सकते हैं। परीक्षा नियमों के विरुद्ध आचरण करने वालों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज करा सकेंगे।
प्रवेश पत्रों में गड़बड़ियों से परीक्षार्थी परेशान
बांदा। 6 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। कालेजों में परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र वितरित किए जा रहे हैं। सोमवार को कालेजों में इसी की गहमागहमी रही। छात्र-छात्राएं अपने प्रवेश पत्र प्राप्त करते रहे। हालांकि प्रवेश पत्र वितरण का कार्य एक हफ्ते पूर्व शुरू हो चुका है।
ज्यादातर परीक्षार्थी अंतिम दिनों में इन्हें प्राप्त कर रहे हैं। उधर, प्रवेश पत्रों में गड़बड़ियों की भी तमाम शिकायतें सामने आई हैं। त्रुटियों को दुरुस्त कराने के लिए परीक्षार्थी परेशान रहे। हालांकि साधारण गड़बड़ियों को विद्यालय स्तर पर ही दुरुस्त कर दिया जा रहा है।
डीएवी के छात्र स्वयंबर के प्रवेश पत्र में किसी अन्य छात्र की फोटो है। ऐसे तमाम उदाहरण हैं। डीआईओएस हिफजुर्रहमान का कहना है जिन छात्रों के प्रवेश पत्र नहीं आए है या नाम व विषय में त्रुटि है वे नेट से प्रवेश पत्र निकलाकर संबंधित विद्यालय से सत्यापित करा लें।