फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   सरकारें पैरवी करतीं तो सड़कों पर न आते शिक्षा मित्र

सरकारें पैरवी करतीं तो सड़कों पर न आते शिक्षा मित्र

Tue, 01 Aug 2017 12:02 AM IST
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
सरकारें पैरवी करतीं तो सड़कों पर न आते शिक्षा मित्र
बांदा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन खारिज कर देने पर आंदोलन कर रहे शिक्षा मित्रों ने सोमवार को दूसरी बार प्रदर्शन के साथ हंगामा किया। कई घंटे धरने के बाद जुलूस में निकल पड़े शिक्षा मित्रों ने धरना देकर नेशनल हाईवे भी जाम कर दिया। प्रशासन और पुलिस को उन्हें हटाने में पसीने छूट गए। कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने के बाद प्रदर्शन का समापन हुआ। शिक्षा मित्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें सड़कों पर लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें जिम्मेदार हैं। इन दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में गंभीर और प्रभावी पैरवी नहीं की।
विज्ञापन


तीन दिन के अंतराल में सोमवार दूसरी बार जिले भर के महिला-पुरुष शिक्षामित्रों का जीआईसी मैदान में जमघट शुरू हो गया। संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा बैनर तले बड़ी तादाद में उमड़े महिला और पुरुष शिक्षा मित्रों ने खुली धूप में जीआईसी ग्राउंड में धरना दिया। शिक्षामित्र संघ और शिक्षक नेताओं ने मंच से संबोधित किया।
विज्ञापन


तीन घंटे से ज्यादा यहां धरना और सभा चली। सभा के बाद शिक्षा मित्रों का हुजूम जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट की ओर चल पड़ा। रास्ते में पुराने ओवरब्रिज पर हाइवे में फिर धरना शुरू कर दिया। हालांकि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों समेत पीएसी और पुलिस फोर्स हंगामे से निपटने के लिए पूरी तैयारी से मौजूद था। अफसरों के मनाने पर लगभग एक घंटे बाद हाईवे खाली कर शिक्षा मित्र कलेक्ट्रेट पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां धरना सभा में जिलाध्यक्ष दिनकर अवस्थी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मित्रों को सड़क पर लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें जिम्मेदार हैं। इन दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में प्रभावशाली और गंभीर पैरवी नहीं की। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष राधेश्याम यादव व महामंत्री सुनील मिश्रा ने कहा कि समायोजन रद्द होने से 1.72 लाख शिक्षामित्रों का भविष्य दांव पर है।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित दो सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र तिवारी को सौंपा। चेतावनी दी कि समाधान न होने तक शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही शिक्षा मित्र स्कूल सहित सभी ड्यूटियों का बहिष्कार जारी रखेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी भी शिक्षा मित्रों के समर्थन में जीआईसी ग्राउंड पहुंचे।


एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह, डिप्टी कलेक्टर मंसूर अहमद, तहसीलदार सुनील कुमार, अपर एसपी अजय प्रताप, क्षेत्राधिकारी नगर शोहराब आलम, प्रभारी निरीक्षक डीपी तिवारी समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। उधर, जुलूस से शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह जाम लगा।

-आंदोलन के दूसरे चरण में शिक्षा मित्रों का आरोप, धरना देकर हाईवे किया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed