{"_id":"6904ff8405395665b6084e3c","slug":"20-years-rigorous-imprisonment-to-father-for-rape-banda-news-c-212-1-bnd1017-135374-2025-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: दुष्कर्म में पिता को 20 वर्ष का कठोर कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: दुष्कर्म में पिता को 20 वर्ष का कठोर कारावास
Fri, 31 Oct 2025 11:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 31 Oct 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
बांदा। किशोरी से दुष्कर्म करने व मारपीट के मामले में पिता को विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने 20 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया है। साथ ही अन्य धारा में सजा सहित 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की समस्त धनराशि पीड़िता को छतिपूर्ति के रूप में अदा की जाएगी। दोषी घटना के समय से ही जेल में निरुद्ध है।शुक्रवार को सजा सुनाने के बाद उसका सजायावी वारंट बनाकर पुनः जेल भेज दिया गया।
गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी 15 वर्षीय पीड़िता ने गिरवां थाने में नौ फरवरी 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई कि इसी दिन सुबह छह बजे जब उसकी मां घर से काम करने गई थी। उसका पिता उसे अकेला पाकर उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। उसने मना किया तो उसका मुंह दबाकर चुप रहने को कहा। जब उसकी मां आई तो तब उसने बताया। तब उसकी मां ने उसे लेकर थाने में सूचना दी। पीड़िता ने धारा 164 सीआरपीसी के बयान में बताया कि जब मेरी मां घर में नही होती थी तो मेरा पिता उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।
इस मामले का आरोप पत्र विवेचक ने अदालत में पेश किया। दोषी के खिलाफ अदालत ने 25 सितंबर 2020 को आरोप बनाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीय ने अपने 17 पृष्ठीय फैसले में छोटा कोरी को दोषी पाते हुए सजा सुना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी 15 वर्षीय पीड़िता ने गिरवां थाने में नौ फरवरी 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई कि इसी दिन सुबह छह बजे जब उसकी मां घर से काम करने गई थी। उसका पिता उसे अकेला पाकर उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। उसने मना किया तो उसका मुंह दबाकर चुप रहने को कहा। जब उसकी मां आई तो तब उसने बताया। तब उसकी मां ने उसे लेकर थाने में सूचना दी। पीड़िता ने धारा 164 सीआरपीसी के बयान में बताया कि जब मेरी मां घर में नही होती थी तो मेरा पिता उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।
विज्ञापन
इस मामले का आरोप पत्र विवेचक ने अदालत में पेश किया। दोषी के खिलाफ अदालत ने 25 सितंबर 2020 को आरोप बनाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीय ने अपने 17 पृष्ठीय फैसले में छोटा कोरी को दोषी पाते हुए सजा सुना दी।
विज्ञापन