{"_id":"597cce454f1c1b7e098b4695","slug":"191501351493-banda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूट से आए ग्लैंडर्स फार्सी के 10 नमूने खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूट से आए ग्लैंडर्स फार्सी के 10 नमूने खराब
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में दो माह पहले गधों व खच्चरों में पाए गए ग्लैंडर्स फारसी रोग के मद्देनजर मंडल मुख्यालय के सदर पशु अस्पताल में नियंत्रण कक्ष खोला गया है। चालू माह जुलाई में मंडल में कुल 55 नमूने लिए गए थे। इनमें चित्रकूट के 10 नमूने रखरखाव की कमी से बेकार हो गए। अपर निदेशक ने इन्हें चेतावनी के साथ वापस कर दिया है।
मई माह में भेजे गए 100 नमूनों में 6 की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इस पर मंडलायुक्त अजय कुमार शुक्ला ने पशुपालन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जून माह के नमूनों में एक और पॉजीटिव आया।
मंडल के अपर निदेशक पशुपालन अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर जुलाई माह में भी चारों जिलों से गधे, खच्छरों और घोड़ों के नमूने लिए गए।
बांदा में 15, हमीरपुर में 20, चित्रकूट व महोबा में 10-10 नमूने मंडल मुख्यालय के कंट्रोल रूम पर भेजे गए। यहां चित्रकूट से आए 10 नमूने खराब हो गए।
अपर निदेशक ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को चेतावनी देते हुए नमूने वापस कर दिए। फिर से सुरक्षित ढंग से नमूने लाने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ.आरके द्विवेदी ने बताया कि धोबियों के गधे व बालू ढोने वाले खच्चरों के बीच घूमने फिरने से मनुष्य ग्लैंडर्स फार्सी की चपेट में आ सकते हैं।
विज्ञापन
प्रभावित जानवरों के बैक्टीरिया 10 फीट तक की रेंज में दूसरे पशु व मनुष्य को अपनी चपेट में ले सकते हैं। इनसे कम से कम 10-15 फीट की दूरी बनाए रखना चाहिए।
-रखरखाव में लापरवाही पर अपर निदेशक की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
मई माह में भेजे गए 100 नमूनों में 6 की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इस पर मंडलायुक्त अजय कुमार शुक्ला ने पशुपालन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जून माह के नमूनों में एक और पॉजीटिव आया।
विज्ञापन
मंडल के अपर निदेशक पशुपालन अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर जुलाई माह में भी चारों जिलों से गधे, खच्छरों और घोड़ों के नमूने लिए गए।
बांदा में 15, हमीरपुर में 20, चित्रकूट व महोबा में 10-10 नमूने मंडल मुख्यालय के कंट्रोल रूम पर भेजे गए। यहां चित्रकूट से आए 10 नमूने खराब हो गए।
अपर निदेशक ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को चेतावनी देते हुए नमूने वापस कर दिए। फिर से सुरक्षित ढंग से नमूने लाने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ.आरके द्विवेदी ने बताया कि धोबियों के गधे व बालू ढोने वाले खच्चरों के बीच घूमने फिरने से मनुष्य ग्लैंडर्स फार्सी की चपेट में आ सकते हैं।
विज्ञापन
प्रभावित जानवरों के बैक्टीरिया 10 फीट तक की रेंज में दूसरे पशु व मनुष्य को अपनी चपेट में ले सकते हैं। इनसे कम से कम 10-15 फीट की दूरी बनाए रखना चाहिए।
-रखरखाव में लापरवाही पर अपर निदेशक की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो