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बांदाः सूरत में फंसे 1205 मजदूर विशेष ट्रेन से बांदा पहुंचे, जांच और क्वारंटीन के कराए इंतजाम
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लॉकडाउन में फंसे 1205 मजदूर सूरत (गुजरात) से अपने गृह जनपद बांदा आ गए। गुरुवार को सुबह इन्हें विशेष ट्रेन लेकर यहां पहुंची। प्रवासी मजदूरों का परीक्षण और उन्हें क्वारंटीन सेंटरों तक पहुंचाने के लिए पहले से ही व्यवस्थाएं की गईं थीं।
रेलवे स्टेशन पुलिस छावनी बना रहा। प्रशासन और पुलिस की उपस्थिति में मजदूर और उनके परिवारों की वहीं थर्मल स्क्रीनिंग की गई। रोडवेज बसों से उन्हें उनके गांवों को रवाना किया। इन मजदूरों बांदा के अलावा पड़ोसी जनपद फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट के मजदूर भी शामिल हैं।
स्पेशल ट्रेन बुधवार को दोपहर सूरत से रवाना हुई थी। गुरुवार को सुबह करीब 6:40 बजे यहां प्लेटफार्म नंबर-दो पर आई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ट्रेन आने के आधा घंटे बाद पहुंची जबकि इसे पहले पहुंचना था। पूरी ट्रेन पुलिस के घेरे में रही।
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मजदूर और उनके परिवारों को बारी-बारी से उतारकर प्लेटफार्म में ही बनाए गए काउंटरों पर थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद बसों पर बैठाकर रवाना किया गया। मजदूरों ने बताया कि हरेक से रेलवे ने 540 रुपये किराया लिया है। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि ट्रेन में कुल 1205 प्रवासी आए हैं। इनमें फतेहपुर के 54, हमीरपुर व महोबा के 38 और चित्रकूट के 122 प्रवासी शामिल हैं। इन सभी को परिवार निगम की 46 बसों में उनके गांव रवाना किया गया। वहां उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन सेंटरों में रखा जाएगा।
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रेलवे स्टेशन पुलिस छावनी बना रहा। प्रशासन और पुलिस की उपस्थिति में मजदूर और उनके परिवारों की वहीं थर्मल स्क्रीनिंग की गई। रोडवेज बसों से उन्हें उनके गांवों को रवाना किया। इन मजदूरों बांदा के अलावा पड़ोसी जनपद फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट के मजदूर भी शामिल हैं।
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स्पेशल ट्रेन बुधवार को दोपहर सूरत से रवाना हुई थी। गुरुवार को सुबह करीब 6:40 बजे यहां प्लेटफार्म नंबर-दो पर आई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ट्रेन आने के आधा घंटे बाद पहुंची जबकि इसे पहले पहुंचना था। पूरी ट्रेन पुलिस के घेरे में रही।
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मजदूर और उनके परिवारों को बारी-बारी से उतारकर प्लेटफार्म में ही बनाए गए काउंटरों पर थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद बसों पर बैठाकर रवाना किया गया। मजदूरों ने बताया कि हरेक से रेलवे ने 540 रुपये किराया लिया है। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि ट्रेन में कुल 1205 प्रवासी आए हैं। इनमें फतेहपुर के 54, हमीरपुर व महोबा के 38 और चित्रकूट के 122 प्रवासी शामिल हैं। इन सभी को परिवार निगम की 46 बसों में उनके गांव रवाना किया गया। वहां उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन सेंटरों में रखा जाएगा।