{"_id":"6960cef634c13a492e07a31a","slug":"two-culprits-in-case-of-assault-sentenced-to-stand-till-court-adjourned-after-22-years-in-balrampur-2026-01-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP News: 22 साल चला मुकदमा... सजा हुई अदालत उठने तक खड़े रहने की, चाकू रखने के मामले में 25 वर्ष बाद आया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: 22 साल चला मुकदमा... सजा हुई अदालत उठने तक खड़े रहने की, चाकू रखने के मामले में 25 वर्ष बाद आया फैसला
Fri, 09 Jan 2026 03:18 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Fri, 09 Jan 2026 03:18 PM IST
सार
बलरामपुर में मारपीट का मुकदमा 22 साल तक चला। दो दोषियों को अदालत उठने तक खड़े रहने की सजा मिली। साथ ही दो-दो हजार का जुर्माना भी लगाया। वहीं अवैध चाकू रखने के मामले में 25 वर्ष बाद फैसला सुनाया गया।
विज्ञापन
कोर्ट का फैसला।
विस्तार
यूपी के बलरामपुर में शुक्रवार को जेएम प्रथम प्रभात कुमार दुबे ने मुकदमों की सुनवाई के दौरान पिटाई के मामले में दो दोषियों को न्यायालय उठने तक खड़े रहने की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। 22 वर्ष बाद मुकदमे में फैसला आया है।
विज्ञापन
नगर क्षेत्र के ग्राम सोनार निवासी संजार मणि गुप्त ने 09 जून 2003 को रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि गांव के गंगाराम व हीरई ने पिटाई की है। गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद गंगाराम व हीरई को दोषी मानते हुए न्यायालय उठने तक खड़े रहने की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन
Trending Videos
अवैध रूप से चाकू रखने के मामले में 25 वर्ष बाद मिली सजा
जेएम प्रथम प्रभात कुमार दुबे ने मुकदमों की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को अवैध चाकू रखने के मामले में जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोषी को तीन दिन जेल काटना पड़ा था। 25 वर्ष बाद मुकदमे का फैसला हुआ है।तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम गनवरिया निवासी सईद को पुलिस ने 01 अप्रैल 2000 को अवैध चाकू के साथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। सईद को तीन जेल काटने के बाद जमानत मिल गई। पुलिस ने विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद सईद को अवैध चाकू रखने का दोषी मानते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाते हुए अर्थदंड भी लगाया है।