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बारिश से मौसम हुआ सुहाना
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बलरामपुर में रिमझिम फुहारों के कारण खेतों में लहलहा रही धान की फसल।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। रिमझिम फुहारों से मौसम सुहाना हो गया है। बीते कई दिनों से बारिश न होने से फसलों के नुकसान की आशंका जताई जा रही थी। बारिश होने से ही फसलों को काफी लाभ मिलेगा। भीषण गर्मी से भी लोगों को राहत मिल गई है। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को फसलों में जलनिकासी का इंतजाम पहले से कराने का सुझाव दिया है।
किसान घनश्याम, लल्लू, धक्के व विश्वनाथ आदि ने बताया कि धान के पौधों को अब फूल आते समय पानी की सख्त जरुरत है। काफी दिनों से पानी न बरसने से धान की फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ने लगी थी। बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली है। जिले में धान की बेहतर पैदावार होने की उम्मीद है। अन्य फसलों में भी किसानों को बेहतर लाभ मिलने की संभावना है। इस साल मानसून की शुरुआत से ही बहुत अच्छी वर्षा हुई है। समय गुजरने के साथ ही अंतिम समय में मानसून की बारिश नहीं हो रही थी।
किसानों को धान के फसल की सिंचाई करने की चिंता सता रही थी। कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी ने बताया कि इस सप्ताह अच्छी बारिश होने की संभावना है। दो तीन दिनों तक बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक ने किसानों को सुझाव दिया है कि मक्का, उड़द, मूंग व सब्जियों के खेतों में सिंचाई न करें। खेत में जलनिकासी का इंतजाम करें। जलभराव होने से फसलों के नुकसान होने की संभावना है। धान की फसल में फूल निकलने व बालियां फूटने की अवस्था है। धान की फसल के लिए बारिश का पानी काफी लाभप्रद होगा।
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किसान घनश्याम, लल्लू, धक्के व विश्वनाथ आदि ने बताया कि धान के पौधों को अब फूल आते समय पानी की सख्त जरुरत है। काफी दिनों से पानी न बरसने से धान की फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ने लगी थी। बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली है। जिले में धान की बेहतर पैदावार होने की उम्मीद है। अन्य फसलों में भी किसानों को बेहतर लाभ मिलने की संभावना है। इस साल मानसून की शुरुआत से ही बहुत अच्छी वर्षा हुई है। समय गुजरने के साथ ही अंतिम समय में मानसून की बारिश नहीं हो रही थी।
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किसानों को धान के फसल की सिंचाई करने की चिंता सता रही थी। कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी ने बताया कि इस सप्ताह अच्छी बारिश होने की संभावना है। दो तीन दिनों तक बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक ने किसानों को सुझाव दिया है कि मक्का, उड़द, मूंग व सब्जियों के खेतों में सिंचाई न करें। खेत में जलनिकासी का इंतजाम करें। जलभराव होने से फसलों के नुकसान होने की संभावना है। धान की फसल में फूल निकलने व बालियां फूटने की अवस्था है। धान की फसल के लिए बारिश का पानी काफी लाभप्रद होगा।
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