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Balrampur News: खरझार पहाड़ी नाले का तटबंध कई जगहों पर कटा
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बलरामपुर में बरसात के समय खरझार पहाड़ी नाले पर क्षतिग्रस्त हुआ बांध।-फाइल फोटो
महराजगंज तराई (बलरामपुर)। तुलसीपुर तहसील में स्थित खरझार नाले का तटबंध बाढ़ व बारिश से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। 10 वर्ष से खरझार पहाड़ी नाले के तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई है। यदि बरसात से पहले इस तटबंध की मरम्मत न कराई गई तो 20 गांवों में बाढ़ से तबाही मचेगी। क्षेत्र की 10 हजार आबादी को पहाड़ी नाले की बाढ़ का कहर झेलना पड़ेगा।
क्षेत्रवासी ग्राम प्रधान तुलाराम यादव, अवधेश कुमार, सूर्यलाल विश्वकर्मा, धनीराम वर्मा, रामकुमार, कैलाश यादव व राजेंद्र वर्मा बताते हैं कि भारी बारिश व कई बार बाढ़ आने से खरझार पहाड़ी नाले के पश्चिमी तट पर बना तटबंध कई जगहों पर कटा गया है। यदि बरसात से पहले तटबंध की मरम्मत न कराई गई तो इस पहाड़ी नाले में बाढ़ आ सकती है।
इससे साहेबनगर, रामगढ़ मैटहवा, शांतिनगर, विजयीडीह, लोहेपनिया, महादेव गोंसाई, औरहिया, रूपनगर, जगरामपुरवा, सुखदेवपुरवा, बरगदही, पटोहाकोट, लहेरी, दांदव, पूरेछीटन, सुगानगर व बनकटवा सहित 20 गांवों में बाढ़ से भारी तबाही मचेगी। खरझार नाले में बाढ़ आने से रामगढ़ मैटहवा गांव का पंचायत भवन, कंपोजिट व राजकीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। लोगों के घरों में रखा अनाज भी खराब हो जाता है। कई गांवों की बिजली भी गुल हो जाती है। (संवाद)
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10 वर्ष पहले 4.3 करोड़ से बना था तटबंध
वर्ष 2014-15 में चार करोड़ तीन लाख रुपये से खरझार पुल से सर्रा गांव तक 800 मीटर लंबे नाले के तटबंध का निर्माण कराया गया था। इसके बाद तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई। मरम्मत न होने से खरझार नाले का बाढ़ आ जाती है और पानी गांवों में भर जाता है। पिछले वर्ष कई बार खरझार नाले में बाढ़ आने से तटबंध पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।
बजट मिलने पर होगी मरम्मत
बरसात से पहले खरझार पहाड़ी नाले के जर्जर तटबंध की मरम्मत कराने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। शासन से बजट मिलने पर जर्जर तटबंध की मरम्मत कराई जाएगी। -अभय सिंह, एसडीएम तुलसीपुर
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क्षेत्रवासी ग्राम प्रधान तुलाराम यादव, अवधेश कुमार, सूर्यलाल विश्वकर्मा, धनीराम वर्मा, रामकुमार, कैलाश यादव व राजेंद्र वर्मा बताते हैं कि भारी बारिश व कई बार बाढ़ आने से खरझार पहाड़ी नाले के पश्चिमी तट पर बना तटबंध कई जगहों पर कटा गया है। यदि बरसात से पहले तटबंध की मरम्मत न कराई गई तो इस पहाड़ी नाले में बाढ़ आ सकती है।
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इससे साहेबनगर, रामगढ़ मैटहवा, शांतिनगर, विजयीडीह, लोहेपनिया, महादेव गोंसाई, औरहिया, रूपनगर, जगरामपुरवा, सुखदेवपुरवा, बरगदही, पटोहाकोट, लहेरी, दांदव, पूरेछीटन, सुगानगर व बनकटवा सहित 20 गांवों में बाढ़ से भारी तबाही मचेगी। खरझार नाले में बाढ़ आने से रामगढ़ मैटहवा गांव का पंचायत भवन, कंपोजिट व राजकीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। लोगों के घरों में रखा अनाज भी खराब हो जाता है। कई गांवों की बिजली भी गुल हो जाती है। (संवाद)
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10 वर्ष पहले 4.3 करोड़ से बना था तटबंध
वर्ष 2014-15 में चार करोड़ तीन लाख रुपये से खरझार पुल से सर्रा गांव तक 800 मीटर लंबे नाले के तटबंध का निर्माण कराया गया था। इसके बाद तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई। मरम्मत न होने से खरझार नाले का बाढ़ आ जाती है और पानी गांवों में भर जाता है। पिछले वर्ष कई बार खरझार नाले में बाढ़ आने से तटबंध पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।
बजट मिलने पर होगी मरम्मत
बरसात से पहले खरझार पहाड़ी नाले के जर्जर तटबंध की मरम्मत कराने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। शासन से बजट मिलने पर जर्जर तटबंध की मरम्मत कराई जाएगी। -अभय सिंह, एसडीएम तुलसीपुर