{"_id":"6aaec3678eefa7f3e4090006","slug":"teachers-voiced-their-concerns-about-the-short-timeframe-for-birth-certificates-balrampur-news-c-99-1-slko1019-155029-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: जन्म प्रमाणपत्र के लिए कम समय मिलने पर शिक्षकों ने बताई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: जन्म प्रमाणपत्र के लिए कम समय मिलने पर शिक्षकों ने बताई परेशानी
Sat, 19 Sep 2026 10:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:46 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। विद्यालयों में अध्ययनरत जन्म प्रमाणपत्र विहीन बच्चों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए निर्धारित समय-सीमा को लेकर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने परेशानी जताई है। संगठन के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार शुक्ल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने शनिवार को डीएम को ज्ञापन देकर 21 सितंबर की निर्धारित समय-सीमा बढ़ाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत जन्म प्रमाणपत्र विहीन बच्चों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए विद्यालयों को 21 सितंबर तक प्रपत्र पंचायत सचिव के पास जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक बच्चे के लिए करीब छह पृष्ठ का प्रपत्र भरना है। इसके साथ अभिभावक या ग्रामवासी, आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक आदि के हस्ताक्षर व प्रमाणन भी आवश्यक हैं। इतनी कम अवधि में सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर प्रपत्र जमा कराना व्यावहारिक रूप से कठिन है। इससे शिक्षकों के शिक्षण कार्य पर भी असर पड़ सकता है।
महामंत्री तुलाराम गिरि ने मांग की कि जन्म प्रमाणपत्र से संबंधित कार्य पंचायत स्तर के संबंधित कर्मचारियों या विभागीय कार्मिकों के माध्यम से कराया जाए, ताकि शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रदीप चौहान, धर्मेंद्र कुमार गुप्ता और ब्लॉक उपाध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत जन्म प्रमाणपत्र विहीन बच्चों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए विद्यालयों को 21 सितंबर तक प्रपत्र पंचायत सचिव के पास जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक बच्चे के लिए करीब छह पृष्ठ का प्रपत्र भरना है। इसके साथ अभिभावक या ग्रामवासी, आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक आदि के हस्ताक्षर व प्रमाणन भी आवश्यक हैं। इतनी कम अवधि में सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर प्रपत्र जमा कराना व्यावहारिक रूप से कठिन है। इससे शिक्षकों के शिक्षण कार्य पर भी असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
महामंत्री तुलाराम गिरि ने मांग की कि जन्म प्रमाणपत्र से संबंधित कार्य पंचायत स्तर के संबंधित कर्मचारियों या विभागीय कार्मिकों के माध्यम से कराया जाए, ताकि शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रदीप चौहान, धर्मेंद्र कुमार गुप्ता और ब्लॉक उपाध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन