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Balrampur News: 1.76 करोड़ की पानी की टंकी अधूरी, नल से जल का इंतजार
Sat, 19 Sep 2026 10:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:53 PM IST
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फोटो-8-बलरामपुर के सोनपुर रतनपुर में अधूरी पड़ी पानी की टंकी।-संवाद
गैसड़ी। क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोनपुर रतनपुर में हर घर नल से जल योजना के तहत बन रही पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा है। करीब 1.76 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना में टंकी का ढांचा भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। पाइपलाइन बिछाने का काम भी आधा-अधूरा है। निर्माण की निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी ग्रामीणों के घरों तक नल से पानी नहीं पहुंच सका है।
ग्रामीण नीतीश कुमार, राजेंद्र तिवारी, नीरज मौर्य, दिनेश अतवारी वर्मा और राकेश ने बताया कि निर्माण शुरू होने के कुछ दिन बाद ही काम बंद हो गया। गांव में जगह-जगह पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन उसे जलापूर्ति व्यवस्था से नहीं जोड़ा गया। इससे ग्रामीणों को अब भी शुद्ध पेयजल के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
मौके पर लगी परियोजना की पट्टिका के अनुसार यह कार्य नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश से संबंधित है। पट्टिका पर परियोजना की प्राक्कलन लागत 176.78 लाख रुपये दर्ज है। निर्माण की निर्धारित अवधि भी पूरी हो चुकी है, लेकिन योजना अब तक अधूरी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जब लाखों रुपये खर्च कर योजना शुरू की गई है तो इसका लाभ समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से अधूरे कार्य की जांच कराने, निर्माण पूरा कराने और जल्द से जल्द घरों तक पानी की आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कार्य पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं। सभी परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है।
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ग्रामीण नीतीश कुमार, राजेंद्र तिवारी, नीरज मौर्य, दिनेश अतवारी वर्मा और राकेश ने बताया कि निर्माण शुरू होने के कुछ दिन बाद ही काम बंद हो गया। गांव में जगह-जगह पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन उसे जलापूर्ति व्यवस्था से नहीं जोड़ा गया। इससे ग्रामीणों को अब भी शुद्ध पेयजल के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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मौके पर लगी परियोजना की पट्टिका के अनुसार यह कार्य नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश से संबंधित है। पट्टिका पर परियोजना की प्राक्कलन लागत 176.78 लाख रुपये दर्ज है। निर्माण की निर्धारित अवधि भी पूरी हो चुकी है, लेकिन योजना अब तक अधूरी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जब लाखों रुपये खर्च कर योजना शुरू की गई है तो इसका लाभ समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से अधूरे कार्य की जांच कराने, निर्माण पूरा कराने और जल्द से जल्द घरों तक पानी की आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कार्य पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं। सभी परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है।