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Balrampur News: आंधी-बारिश ने मचाई तबाही, मां-बेटे समेत छह की माैत
Sat, 26 Sep 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 26 Sep 2026 11:33 PM IST
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फोटो-13-बलरामपुर के पेहर बाजार में स्थित खेत में गिरा गन्ना।-संवाद
बलरामपुर। जिले में तेज बारिश, आंधी-तूफान और चक्रवाती हवाओं ने शनिवार को जमकर तबाही मचाई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से मां-बेटे समेत छह लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। सदर तहसील के कलंदरपुर निवासी प्रेम नारायण शुक्ल (55) शनिवार को अपनी 80 वर्षीय मां चंपा देवी के साथ घर में बैठे थे। बारिश के दाैरान घर के पीछे लगा आंवले का पेड़ दीवार पर जा गिरा। इसके नीचे दबकर दोनों की माैत हो गई। वहीं रेहरा क्षेत्र के सकरड़रिया गांव निवासी इम्तियाज (30) और इमरान (28) मोटरसाइकिल से कुतुबगंज बाजार जाते समय पेड़ की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बलरामपुर तहसील के मंगापुर वीरपुर गांव में रामप्यारी (66) और उतरौला तहसील के चिरैया गांव निवासी हेमा राम उजागर की भी पेड़ गिरने से मौत हो गई।
पेहर बाजार क्षेत्र के सुंदरघाट जंगल में करीब पांच घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। पचपेड़वा क्षेत्र में कीचड़ और जलभराव से करीब 20 गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई। बलरामपुर शहर के कई मोहल्लों में भी पानी भर गया।
तेज हवा से गन्ना और धान की फसल गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़कर 103 मीटर तक पहुंच गया। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस कप्तान मार्तंड प्रकाश सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। अफसरों ने सभी से सतर्क रहने की अपील की है।
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चक्रवाती हवा में पेड़ गिरने से दो युवकों की मौत
शनिवार को रेहरा थाना क्षेत्र की पेहर पुलिस चौकी के अंतर्गत सकरड़रिया गांव के दो परिवारों के चिराग बुझ गए। गांव निवासी इम्तियाज (30) और इमरान (28) मोटरसाइकिल से धानेपुर थाना क्षेत्र के कुतुबगंज बाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चक्रवाती हवा के बीच सड़क किनारे खड़ा पेड़ अचानक दोनों पर गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों को जानकारी हुई तो घरों में कोहराम मच गया। सकरड़रिया समेत आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई।
दो महिलाओं की मौत, तीन घायल
प्रशासन की ओर से शनिवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, बलरामपुर तहसील के मंगापुर वीरपुर गांव में घर के बगल पेड़ गिरने से 66 वर्षीय प्रानपति की मौत हो गई। इटहटा निवासी विनोद भी पेड़ की चपेट में आकर घायल हुए हैं। उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा है। उतरौला तहसील के चिरैया गांव निवासी 45 वर्षीय रेनू की बाग में पेड़ गिरने से उसके नीचे दब गईं। उन्हें उपचार के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। तुलसीपुर तहसील के मोतीनगर बरहदा में 53 वर्षीय रामपाल यादव पेड़ गिरने से घायल हुए। प्रशासन की रिपोर्ट में उनकी हालत स्थिर बताई गई है। पचपेड़वा क्षेत्र में फजले रहमानिया इंटर कॉलेज के पास शुक्रवार रात पेड़ गिरने से मोतीपुर निवासी 55 वर्षीय रामपाल यादव गंभीर रूप से घायल हुए थे।
दीवार पर गिरा पेड़, बीम के नीचे दबे मां-बेटे
सदर तहसील के कलंदरपुर गांव में शनिवार को तेज हवा के दौरान घर के पीछे लगा आंवले का पेड़ दीवार पर गिर गया। पेड़ के भार से दीवार दरक गई और उससे जुड़ी बीम घर में बैठे मां-बेटे के ऊपर जा गिरी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें जिला मेमोरियल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया।
कलंदरपुर निवासी प्रेम नारायण शुक्ल (55) शनिवार को अपनी 80 वर्षीय मां चंपा देवी के साथ घर में बैठे थे। घर के चारों ओर करीब नौ इंच मोटी दीवार बनी थी। छत के स्थान पर बीम के ऊपर टिन शेड पड़ा हुआ था। इसी दौरान तेज हवा चलने लगी। घर के पीछे लगा मोटा आंवले का पेड़ अचानक दीवार पर जा गिरा। पेड़ के भार से दीवार दरक गई और उससे जुड़ी बीम भी नीचे आ गिरी।
बीम की चपेट में आने से प्रेम नारायण और उनकी मां चंपा देवी के सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवारजन और प्रशासक विजय कुमार शुक्ल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर पुलिस ने भी मौके पर जानकारी ली।
तीन दिन में बरसा 178.6 मिली मीटर पानी
जिले में सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। जिला आपदा विभाग के अनुसार एक जून से 26 सितंबर तक जिले में 787 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 786.4 मिमी होनी चाहिए। यानी अब तक सामान्य से 0.6 मिमी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि पिछले तीन दिनों में हुई बारिश ने इस आंकड़े को तेजी से बढ़ाया है। 24 सितंबर को 43.5 मिमी, 25 सितंबर को 71.6 मिमी और 26 सितंबर को अब तक 63.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। तीन दिनों में कुल 178.6 मिमी पानी बरसा है।
राप्ती 103 मीटर पर पहुंची
लगातार बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। शनिवार सुबह पिपरा घाट क्षेत्र में नदी का जलस्तर करीब 103.00 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी स्तर 103.620 मीटर और खतरे का निशान 104.620 मीटर है। नदी चेतावनी स्तर से करीब 62 सेंटीमीटर और खतरे के निशान से 1.62 मीटर नीचे बह रही है। 25 सितंबर को केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों में बलरामपुर में राप्ती का जलस्तर 101.82 मीटर दर्ज हुआ था।
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पेहर बाजार क्षेत्र के सुंदरघाट जंगल में करीब पांच घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। पचपेड़वा क्षेत्र में कीचड़ और जलभराव से करीब 20 गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई। बलरामपुर शहर के कई मोहल्लों में भी पानी भर गया।
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तेज हवा से गन्ना और धान की फसल गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़कर 103 मीटर तक पहुंच गया। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस कप्तान मार्तंड प्रकाश सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। अफसरों ने सभी से सतर्क रहने की अपील की है।
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चक्रवाती हवा में पेड़ गिरने से दो युवकों की मौत
शनिवार को रेहरा थाना क्षेत्र की पेहर पुलिस चौकी के अंतर्गत सकरड़रिया गांव के दो परिवारों के चिराग बुझ गए। गांव निवासी इम्तियाज (30) और इमरान (28) मोटरसाइकिल से धानेपुर थाना क्षेत्र के कुतुबगंज बाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चक्रवाती हवा के बीच सड़क किनारे खड़ा पेड़ अचानक दोनों पर गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों को जानकारी हुई तो घरों में कोहराम मच गया। सकरड़रिया समेत आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई।
दो महिलाओं की मौत, तीन घायल
प्रशासन की ओर से शनिवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, बलरामपुर तहसील के मंगापुर वीरपुर गांव में घर के बगल पेड़ गिरने से 66 वर्षीय प्रानपति की मौत हो गई। इटहटा निवासी विनोद भी पेड़ की चपेट में आकर घायल हुए हैं। उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा है। उतरौला तहसील के चिरैया गांव निवासी 45 वर्षीय रेनू की बाग में पेड़ गिरने से उसके नीचे दब गईं। उन्हें उपचार के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। तुलसीपुर तहसील के मोतीनगर बरहदा में 53 वर्षीय रामपाल यादव पेड़ गिरने से घायल हुए। प्रशासन की रिपोर्ट में उनकी हालत स्थिर बताई गई है। पचपेड़वा क्षेत्र में फजले रहमानिया इंटर कॉलेज के पास शुक्रवार रात पेड़ गिरने से मोतीपुर निवासी 55 वर्षीय रामपाल यादव गंभीर रूप से घायल हुए थे।
दीवार पर गिरा पेड़, बीम के नीचे दबे मां-बेटे
सदर तहसील के कलंदरपुर गांव में शनिवार को तेज हवा के दौरान घर के पीछे लगा आंवले का पेड़ दीवार पर गिर गया। पेड़ के भार से दीवार दरक गई और उससे जुड़ी बीम घर में बैठे मां-बेटे के ऊपर जा गिरी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें जिला मेमोरियल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया।
कलंदरपुर निवासी प्रेम नारायण शुक्ल (55) शनिवार को अपनी 80 वर्षीय मां चंपा देवी के साथ घर में बैठे थे। घर के चारों ओर करीब नौ इंच मोटी दीवार बनी थी। छत के स्थान पर बीम के ऊपर टिन शेड पड़ा हुआ था। इसी दौरान तेज हवा चलने लगी। घर के पीछे लगा मोटा आंवले का पेड़ अचानक दीवार पर जा गिरा। पेड़ के भार से दीवार दरक गई और उससे जुड़ी बीम भी नीचे आ गिरी।
बीम की चपेट में आने से प्रेम नारायण और उनकी मां चंपा देवी के सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवारजन और प्रशासक विजय कुमार शुक्ल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर पुलिस ने भी मौके पर जानकारी ली।
तीन दिन में बरसा 178.6 मिली मीटर पानी
जिले में सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। जिला आपदा विभाग के अनुसार एक जून से 26 सितंबर तक जिले में 787 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 786.4 मिमी होनी चाहिए। यानी अब तक सामान्य से 0.6 मिमी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि पिछले तीन दिनों में हुई बारिश ने इस आंकड़े को तेजी से बढ़ाया है। 24 सितंबर को 43.5 मिमी, 25 सितंबर को 71.6 मिमी और 26 सितंबर को अब तक 63.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। तीन दिनों में कुल 178.6 मिमी पानी बरसा है।
राप्ती 103 मीटर पर पहुंची
लगातार बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। शनिवार सुबह पिपरा घाट क्षेत्र में नदी का जलस्तर करीब 103.00 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी स्तर 103.620 मीटर और खतरे का निशान 104.620 मीटर है। नदी चेतावनी स्तर से करीब 62 सेंटीमीटर और खतरे के निशान से 1.62 मीटर नीचे बह रही है। 25 सितंबर को केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों में बलरामपुर में राप्ती का जलस्तर 101.82 मीटर दर्ज हुआ था।

फोटो-13-बलरामपुर के पेहर बाजार में स्थित खेत में गिरा गन्ना।-संवाद

फोटो-13-बलरामपुर के पेहर बाजार में स्थित खेत में गिरा गन्ना।-संवाद

फोटो-13-बलरामपुर के पेहर बाजार में स्थित खेत में गिरा गन्ना।-संवाद

फोटो-13-बलरामपुर के पेहर बाजार में स्थित खेत में गिरा गन्ना।-संवाद

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