{"_id":"64ecddf9fa3fc80aa1045861","slug":"sisters-will-tie-rakshasutra-by-feeding-chhena-kheer-and-malai-chamcham-balrampur-news-c-99-1-brp1003-2257-2023-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: छेना खीर व मलाई चमचम खिलाकर बहनें बांधेंगी रक्षासूत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: छेना खीर व मलाई चमचम खिलाकर बहनें बांधेंगी रक्षासूत्र
Mon, 28 Aug 2023 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 28 Aug 2023 11:18 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर के वीर विनय चौराहा के पास स्थित मिठाई की दुकान पर खरीदारी करते लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। रक्षाबंधन त्योहार पर राखी व कपड़ों के साथ मिठाइयों की दुकानें भी सज गईं हैं। इस बार रक्षाबंधन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। लोग पंडितों और ज्योतिषाचार्यों से जानकारी कर रहे हैं। विद्वानों के अनुसार 31 अगस्त की सुबह 9.30 बजे तक रक्षाबंधन त्योहार मनाना सबसे शुभ है। ऐसे में लोग तैयारी में जुट गए हैं। जिले की मशहूर मिठाइयां छेना खीर, मलाई चमचम व कालाजाम की डिमांड तेत हो गई है। इसे खिलाकर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी।
30 अगस्त की सुबह दस बजे से 31 अगस्त सुबह 9:30 बजे तक पूर्णिमा रहेगी। श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। धर्माचार्य पंडित बजरंगी प्रसाद शास्त्री का कहना है कि 30 अगस्त को सुबह दस बजे से पूर्णिमा का संयोग बन रहा है। मगर 30 अगस्त को दस बजकर 13 मिनट पर पूर्णिमा शुरू होते ही भद्रा का प्रवेश हो जाएगा और रात्रि में आठ बजकर 58 मिनट तक भद्रा का असर रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा में रक्षाबंधन का त्योहार कष्टकारी होता है। इसलिए 30 अगस्त को रात्रि आठ बजकर 59 मिनट से 31 अगस्त की सुबह 9:30 बजे तक रक्षाबंधन का त्योहार मनाना शुभ रहेगा। लेकिन उदया तिथि में त्योहार मनाने की परंपरा है। ऐेसे में 31 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
30 अगस्त की सुबह दस बजे से 31 अगस्त सुबह 9:30 बजे तक पूर्णिमा रहेगी। श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। धर्माचार्य पंडित बजरंगी प्रसाद शास्त्री का कहना है कि 30 अगस्त को सुबह दस बजे से पूर्णिमा का संयोग बन रहा है। मगर 30 अगस्त को दस बजकर 13 मिनट पर पूर्णिमा शुरू होते ही भद्रा का प्रवेश हो जाएगा और रात्रि में आठ बजकर 58 मिनट तक भद्रा का असर रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा में रक्षाबंधन का त्योहार कष्टकारी होता है। इसलिए 30 अगस्त को रात्रि आठ बजकर 59 मिनट से 31 अगस्त की सुबह 9:30 बजे तक रक्षाबंधन का त्योहार मनाना शुभ रहेगा। लेकिन उदया तिथि में त्योहार मनाने की परंपरा है। ऐेसे में 31 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा। संवाद
विज्ञापन