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Balrampur News: सरकारी स्कूल बना मिसाल, स्मार्ट क्लास और नक्षत्रशाला बनी पहचान
Tue, 01 Sep 2026 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:21 PM IST
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फोटो-18-बलरामपुर के कंपोजिट विद्यालय सराय खास में पढ़ाते शिक्षक ।-संवाद
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रेहराबाजार। सीमित संसाधनों के बावजूद कंपोजिट विद्यालय सरायखास आधुनिक शिक्षा की मिसाल बनकर उभरा है। स्मार्ट क्लास, नक्षत्रशाला और बेहतर शिक्षण व्यवस्था के चलते विद्यालय के प्रति अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है। यही वजह है कि यहां विद्यार्थियों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है।
विद्यालय में चार स्मार्ट क्लास संचालित हैं। रोस्टर के अनुसार प्रोजेक्टर के माध्यम से विज्ञान, गणित, भूगोल और भाषा विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। नक्षत्रशाला में विद्यार्थियों को सौर मंडल, ग्रह-नक्षत्र और अंतरिक्ष विज्ञान की गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। इससे कठिन विषयों को समझना बच्चों के लिए आसान और रोचक हो गया है।
प्रधानाचार्य भानु प्रकाश मिश्र ने बताया कि वर्ष 2018 में कार्यभार संभालने के समय विद्यालय में 270 विद्यार्थी पंजीकृत थे। बेहतर शैक्षिक माहौल और नवाचारों के चलते अब यह संख्या बढ़कर 372 हो गई है। उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए उन्हें वर्ष 2025 में राज्य शिक्षक पुरस्कार भी मिल चुका है।
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अभिभावक भोला वर्मा, रामचंद्र, संतराम और रामप्रकाश ने बताया कि विद्यालय की पढ़ाई निजी स्कूलों की तरह बेहतर है। छात्र संदीप कुमार, प्रमोद कुमार, अंकिता, काजल और रेखा ने कहा कि प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई होने से कठिन विषय भी आसानी से समझ में आते हैं। विद्यालय की व्यवस्था बेहतर बनाने में शिक्षिका खुशबू सिंह, प्रतिमा, शिक्षक अमित त्रिपाठी, मुकेश वर्मा, मुकेश पांडे, सुशील त्रिपाठी और ग्राम प्रधान गंगाराम वर्मा का भी योगदान रहा है।
आठ विद्यार्थियों ने एनएमएमएस में सफलता पाई, दो को इंस्पायर अवार्ड
विद्यालय के विद्यार्थियों ने शैक्षिक उपलब्धियों में भी अपनी पहचान बनाई है। रबीना, अंकित वर्मा, गोविंद, किरन वर्मा, चंद्रभान, रेशमा, शिवानी वर्मा समेत आठ विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति (एनएमएमएस) परीक्षा में सफलता हासिल की है। कक्षा आठ के इन विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी। वहीं, दो विद्यार्थियों को इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित किया गया है।
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विद्यालय में चार स्मार्ट क्लास संचालित हैं। रोस्टर के अनुसार प्रोजेक्टर के माध्यम से विज्ञान, गणित, भूगोल और भाषा विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। नक्षत्रशाला में विद्यार्थियों को सौर मंडल, ग्रह-नक्षत्र और अंतरिक्ष विज्ञान की गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। इससे कठिन विषयों को समझना बच्चों के लिए आसान और रोचक हो गया है।
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प्रधानाचार्य भानु प्रकाश मिश्र ने बताया कि वर्ष 2018 में कार्यभार संभालने के समय विद्यालय में 270 विद्यार्थी पंजीकृत थे। बेहतर शैक्षिक माहौल और नवाचारों के चलते अब यह संख्या बढ़कर 372 हो गई है। उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए उन्हें वर्ष 2025 में राज्य शिक्षक पुरस्कार भी मिल चुका है।
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अभिभावक भोला वर्मा, रामचंद्र, संतराम और रामप्रकाश ने बताया कि विद्यालय की पढ़ाई निजी स्कूलों की तरह बेहतर है। छात्र संदीप कुमार, प्रमोद कुमार, अंकिता, काजल और रेखा ने कहा कि प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई होने से कठिन विषय भी आसानी से समझ में आते हैं। विद्यालय की व्यवस्था बेहतर बनाने में शिक्षिका खुशबू सिंह, प्रतिमा, शिक्षक अमित त्रिपाठी, मुकेश वर्मा, मुकेश पांडे, सुशील त्रिपाठी और ग्राम प्रधान गंगाराम वर्मा का भी योगदान रहा है।
आठ विद्यार्थियों ने एनएमएमएस में सफलता पाई, दो को इंस्पायर अवार्ड
विद्यालय के विद्यार्थियों ने शैक्षिक उपलब्धियों में भी अपनी पहचान बनाई है। रबीना, अंकित वर्मा, गोविंद, किरन वर्मा, चंद्रभान, रेशमा, शिवानी वर्मा समेत आठ विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति (एनएमएमएस) परीक्षा में सफलता हासिल की है। कक्षा आठ के इन विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी। वहीं, दो विद्यार्थियों को इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित किया गया है।