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Balrampur News: सात पंचायतें निकाय में हो चुकी हैं शामिल, नहीं होंगे चुनाव
Fri, 11 Jul 2025 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 11 Jul 2025 11:28 PM IST
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बलरामपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं लेकिन सात ग्राम पंचायतों के लोगों को इस बार मतदाता बनने और चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिलेगा। शासन के आदेश पर गैसड़ी और पचपेड़वा ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतों को दो नगर निकायों में शामिल कर दिया गया था। इसके चलते इन पंचायतों में पंचायत चुनाव नहीं कराए जाएंगे। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्यों के 73 से अधिक पद स्वतः समाप्त हो गए हैं।
गैसड़ी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गैसड़ी, मझौली, लठावर, साथी और खरगौरा को नगर पंचायत गैसड़ी में सम्मिलित कर दिया गया है। वहीं, पचपेड़वा ब्लॉक की दाे पंचायतों को भी नगर पंचायत में जोड़ा गया है। अब इन ग्राम पंचायतों में नगरीय निकाय व्यवस्था लागू हो गई है और ये क्षेत्र पंचायत चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिए गए हैं। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) श्रेया उपाध्याय ने बताया कि शासनादेश के अनुसार इन पंचायतों को नगर निकाय क्षेत्र में शामिल कर दिया गया था। संबंधित क्षेत्रों में अब पंचायत की कोई भी निर्वाचन प्रक्रिया नहीं होगी।
विदित हो कि जिले में अन्य पंचायतों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण तेजी से चल रहा है और चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लेकिन जिन गांवों को नगर निकाय में शामिल किया गया है वहां अब ग्रामीण शासन प्रणाली की जगह शहरी प्रशासनिक प्रणाली लागू हो गई है।
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गैसड़ी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गैसड़ी, मझौली, लठावर, साथी और खरगौरा को नगर पंचायत गैसड़ी में सम्मिलित कर दिया गया है। वहीं, पचपेड़वा ब्लॉक की दाे पंचायतों को भी नगर पंचायत में जोड़ा गया है। अब इन ग्राम पंचायतों में नगरीय निकाय व्यवस्था लागू हो गई है और ये क्षेत्र पंचायत चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिए गए हैं। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) श्रेया उपाध्याय ने बताया कि शासनादेश के अनुसार इन पंचायतों को नगर निकाय क्षेत्र में शामिल कर दिया गया था। संबंधित क्षेत्रों में अब पंचायत की कोई भी निर्वाचन प्रक्रिया नहीं होगी।
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विदित हो कि जिले में अन्य पंचायतों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण तेजी से चल रहा है और चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लेकिन जिन गांवों को नगर निकाय में शामिल किया गया है वहां अब ग्रामीण शासन प्रणाली की जगह शहरी प्रशासनिक प्रणाली लागू हो गई है।
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